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गैरसैंण में 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, पंचायतों का हिस्सा 12.5% बढ़ा

गैरसैंण में उत्तराखंड सरकार ने 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। स्थानीय निकायों को 721 करोड़ और पूंजीगत विकास को 4,164 करोड़ रुपये मिले।

गैरसैंण (27 अक्टूबर) : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में चल रहे विधानसभा सत्र में धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन की मेज पर रख दिया है। इस बजट की सबसे बड़ी और अहम राहत सूबे की त्रिस्तरीय पंचायतों और शहरी निकायों के हिस्से आई है।

सरकार ने छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर मुहर लगाते हुए राज्य के अपने कर राजस्व में स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का औपचारिक ऐलान किया है। इस अकेले फैसले से ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के खातों में विकास कार्यों के लिए 721 करोड़ रुपये की सीधी अतिरिक्त धनराशि पहुंचेगी।

पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय हिस्सेदारी बढ़ी

सदन में रखे गए वित्तीय प्रस्तावों के मुताबिक स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने और जमीनी विकास को गति देने के लिए यह बड़ा नीतिगत कदम उठाया गया है। आयोग की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद अब गांवों में सीसी मार्ग, स्ट्रीट लाइट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल रखरखाव जैसे कार्यों के लिए प्रधानों और निकाय अध्यक्षों को शासन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

इसके अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत 500 करोड़ रुपये का अलग से पूंजीगत बंदोबस्त किया गया है। यह राशि सीधे तौर पर राज्य के उन ढांचागत प्रोजेक्ट्स पर खर्च होगी जो लंबे समय से अतिरिक्त फंड के इंतजार में अटके थे।

पूंजीगत मद में आधे से अधिक बजट का प्रावधान

इस अनुपूरक बजट का तकनीकी ढांचा यह साफ संकेत देता है कि सरकार का जोर नियमित खर्चों के बजाय संपत्ति निर्माण पर है। कुल 7,844.18 करोड़ रुपये के आकार में से 4,164.32 करोड़ रुपये विशुद्ध रूप से पूंजीगत मद में रखे गए हैं, जबकि राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यानी 53 प्रतिशत से अधिक राशि सीधे निर्माण, मशीनरी और परिसंपत्तियों पर खर्च होगी। इस सप्लीमेंट्री डिमांड के जुड़ने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का सकल बजट आकार मूल 1,11,703.21 करोड़ से छलांग लगाकर 1,19,547.39 करोड़ रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

ऊर्जा, सड़क और न्यायिक तंत्र पर सीधा असर

क्षेत्रवार प्राथमिकताओं की बात करें तो ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए खुरपिया फार्म परियोजना सहित पारेषण व वितरण नेटवर्क सुधारने पर 270 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत रखने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में सड़कों की मरम्मत व रखरखाव हेतु लोक निर्माण विभाग को 31 करोड़ और ग्राम्य विकास विभाग को 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

वहीं शहरी इलाकों में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) पोषित योजनाओं के लिए 100 करोड़, पुलिस विभाग के भवनों के लिए 55 करोड़, कोर्ट और न्यायिक अवसंरचना के लिए 22 करोड़ तथा ग्राम पंचायतों के नए भवनों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सदन में चर्चा पूरी होने के बाद विनियोग विधेयक पारित कराया जाएगा।

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