---Advertisement---

यूकेडी ने विधानसभा चुनाव के लिए जारी की पहली सूची, 16 सीटों पर उतारे प्रत्याशी

उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने विधानसभा चुनाव के लिए 16 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। काशी सिंह ऐरी और पुष्पेश त्रिपाठी समेत इन चेहरों को मिला टिकट।

देहरादून (31 अक्टूबर) : उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सियासी बिसात बिछा दी है। क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर चुनाव लड़ने का दम भरते हुए दल ने 16 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित कर दी। देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने नामों का आधिकारिक ऐलान किया। इस पहली सूची में पार्टी ने पुराने कद्दावर चेहरों पर दांव लगाया है, जिससे कई सीटों पर चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं।

दिग्गजों पर भरोसा जताकर यूकेडी ने खोला चुनावी पत्ता

पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने साफ किया कि जमीनी संघर्ष से जुड़े नेताओं को ही तरजीह दी गई है। पहली सूची के मुताबिक, पिथौरागढ़ से पार्टी के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी और द्वाराहाट सीट से पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी को टिकट दिया गया है। वहीं देवप्रयाग से पूर्ण सिंह कठैत, प्रतापनगर से पंकज व्यास, कर्णप्रयाग से आशीष नेगी और जागेश्वर से दिनेश कुंजवाल पर भरोसा जताया गया है। पार्टी का दावा है कि प्रत्याशियों का चयन स्थानीय कार्यकर्ताओं की रायशुमारी के बाद ही किया गया है।

तराई से लेकर पहाड़ तक क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश

पार्टी ने गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के साथ-साथ मैदानी सीटों पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीति बनाई है। सूची के अनुसार, राजपुर रोड से देवचंद उत्तराखंड, सल्ट से प्रताप सिंह, टिहरी से डीडी पंत, कपकोट से वरुण चंदोला और काशीपुर से प्रदीप चंद को उम्मीदवार बनाया गया है। नानकमत्ता सीट से कैलाश सिंह पांगती, रामनगर से भुवन चंद्र, देहरादून कैंट से राजेंद्र सिंह नेगी, खानपुर से रितु कंडियाल जुयाल और धनोल्टी से चंदन सिंह राणा को चुनावी रण में उतारा गया है।

बाकी बची सीटों पर दूसरे चरण में होगा बड़ा फैसला

प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि बाकी बची सीटों पर प्रत्याशियों के नाम दूसरे चरण में घोषित किए जाएंगे। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य के बुनियादी सवालों, गैरसैंण राजधानी के मुद्दे और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर यूकेडी जनता के बीच जा रही है। पहली सूची जारी होने के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी हलचल तेज हो गई है, जिससे दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों के चुनावी गणित पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment