---Advertisement---

Uttarakhand Agniveer Scheme : सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए गुड न्यूज़, उत्तराखंड सरकार देगी बिल्कुल फ्री ट्रेनिंग

---Advertisement---

देहरादून, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Agniveer Scheme : उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जहां अग्निवीरों के लिए एक समर्पित ‘अग्निवीर सेल’ स्थापित होगा। कुआंवाला स्थित यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया में शुक्रवार को ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान देने की घोषणा की। सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों और सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को स्वरोजगार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी राज्य सरकार विशेष अनुदान देगी।

राज्य सरकार ने अग्निवीरों के लिए सरकारी विभागों में रोजगार के रास्ते खोले हैं। सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं को पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन जैसी सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। भर्ती प्रक्रियाओं में उन्हें अधिकतम आयु सीमा में छूट और प्राथमिकता मिलेगी। सेना में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

शहीद परिवारों और सैनिकों के कल्याण के लिए वित्तीय प्रावधानों में भारी बदलाव हुए हैं। शहीद परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 50 लाख रुपये कर दी गई है। आश्रितों को सरकारी नौकरी में समायोजन के लिए आवेदन की समय-सीमा 2 साल से बढ़ाकर 5 साल की गई है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की सम्मान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। युद्ध विधवाओं, दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष आर्थिक सहायता तय की गई है। पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए अलग से वित्तीय व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना को महज नौकरी नहीं बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च अवसर बताया। सेना में बिताए चार साल युवा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी साबित होंगे। धामी ने खुद को एक सैनिक का बेटा बताते हुए कहा कि उन्होंने संस्कार, त्याग और अनुशासन अपने पिता से सीखा है। यूथ फाउंडेशन के कार्यक्रम में सैनिकों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार जैसा महसूस होता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक घोषित किया था। राज्य सरकार इसी संकल्प को आधार बनाकर काम कर रही है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो चुकी है। राज्य में मदरसा बोर्ड को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए यह कदम उठाया गया।

भर्ती घोटालों पर सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू है जिसमें उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है। पारदर्शी व्यवस्था के कारण पिछले 5 साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।

कृषि और बागवानी के क्षेत्र में कीवी, एप्पल और तिमरु मिशन जैसी योजनाएं संचालित हो रही हैं। सतत विकास लक्ष्य (SDG) की सूची में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया है। राज्य को फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान मिल चुका है। निर्यात सूचकांक में भी राज्य का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है।

पर्यटन के आंकड़े राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। चार धाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा और शीतकालीन यात्रा को मिलाकर बीते 4 सालों में 24 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। युवा अब पलायन करने के बजाय अपने घर और गांवों में ही रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं।

कुआंवाला में आयोजित इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल और सेवानिवृत्त मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत ने मंच साझा किया। प्रशासनिक अधिकारियों में देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने भी इस संवाद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment