उत्तराखंड चुनाव 2027 को लेकर देहरादून प्रशासन अलर्ट। 65 बूथों पर बर्फबारी और 19 शैडो एरिया बूथों पर नेटवर्क की चुनौती से निपटने के लिए बना कंटीजेंसी प्लान।
देहरादून (19 अक्टूबर) : उत्तराखंड विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की आहट के साथ ही राजधानी देहरादून में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनाव में सबसे बड़ा पेच पहाड़ी इलाकों के मौसम और संचार व्यवस्था को लेकर फंसा है। फरवरी माह में संभावित मतदान के दौरान जिले के 65 पोलिंग स्टेशनों पर भारी बर्फबारी की आशंका है, जबकि मसूरी और चकराता के 19 केंद्र अब भी मोबाइल नेटवर्क विहीन ‘शैडो एरिया’ में हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर इन दुर्गम बूथों के लिए विशेष कंटीजेंसी प्लान बनाने और तत्काल वायरलेस व सेटेलाइट कनेक्टिविटी विकल्प तलाशने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बर्फबारी और नेटवर्क विहीन बूथों पर खास एक्शन प्लान
जिले की 10 विधानसभा सीटों पर कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 766 ग्रामीण और 1,279 शहरी क्षेत्रों में हैं। समीक्षा में सामने आया कि चकराता के 12 और मसूरी के 7 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां सामान्य मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं मिलती। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक मतदान दिवस पर हर केंद्र से रियल-टाइम रिपोर्टिंग जरूरी होती है।
ऐसे में डीएम ने संचार कंपनियों और तकनीकी टीमों को इन शैडो एरिया में नेटवर्क सुचारू करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले 65 स्नो-बाउंड केंद्रों पर बर्फ हटाने वाली मशीनरी, वैकल्पिक मार्ग और पोलिंग पार्टियों के सुरक्षित आवागमन के लिए अग्रिम रसद का खाका खींचा जा रहा है।
यूपी और हिमाचल बॉर्डर पर तस्करी रोकने की तैयारी
देहरादून जनपद की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के शिमला व सिरमौर और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सटी हैं, जबकि राज्य के चार अन्य जिले भी इससे जुड़ते हैं। चुनाव के दौरान धनबल और शराब के अवैध प्रवाह को रोकने के लिए अंतरराज्यीय चेकपोस्टों पर सख्त नाकेबंदी की जा रही है। जिला प्रशासन ने फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) और वीडियो सर्विलांस टीम (VST) का गठन शुरू कर दिया है।
आयोग के व्यय निगरानी प्रोटोकॉल के तहत सीमाओं पर 24 घंटे सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से नजर रखी जाएगी। वहीं बड़े मतदान केंद्रों पर भगदड़ या अव्यवस्था रोकने के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार अनिवार्य किए गए हैं।
बुजुर्ग वोटरों को होम वोटिंग और विशेष जागरूकता अभियान
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 11,94,797 पहुंच गई है, जिसमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। आयोग की गाइडलाइन के तहत 85 वर्ष से अधिक उम्र के 7,845 बुजुर्गों को घर से वोट डालने (होम वोटिंग) का विकल्प मिलेगा, जबकि 10,201 दिव्यांग मतदाताओं के लिए बूथों पर डोली, पालकी और व्हीलचेयर का इंतजाम रहेगा।
प्रशासन ने 50 फीसदी से कम मतदान वाले पॉकेट्स और बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में स्वीप (SVEEP) के जरिए विशेष वोटर आउटरीच शुरू करने का फैसला लिया है, ताकि मतदान प्रतिशत में सीधा सुधार दर्ज हो सके।









