देहरादून, 29 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Assembly Election : उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जारी पारंपरिक जंग के बीच अब एक तीसरी ताकत ने सीधी एंट्री मार दी है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने विधानसभा चुनाव में पूरे दम-खम के साथ उतरने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
हरिद्वार में आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन के दौरान पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों ने चुनावी अभियान का खाका सामने रखा। पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह ठाकुर और प्रदेश महासचिव अंकुर कर्णवाल ने साफ किया कि संगठन ने शुरुआती चरण में राज्य की 35 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी पूरी कर ली है।
गठबंधन की अटकलों पर पूर्णविराम लगाते हुए पार्टी नेतृत्व ने साफ रुख अपनाया है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी भी क्षेत्रीय या राष्ट्रीय दल के साथ चुनावी समझौते का कोई प्रस्ताव नहीं है। यदि चुनाव के ऐन वक्त पर ऐसी कोई परिस्थिति बनती भी है, तो उसका अंतिम अधिकार केवल पार्टी के केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व के पास सुरक्षित रहेगा।
पार्टी पदाधिकारियों ने चुनावी एजेंडे की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए राज्य के जलते मुद्दों की सूची रखी। इस चुनाव में प्रदेश का युवा बेरोजगारी, लगातार हो रहा पलायन, गांवों की जर्जर सड़कें, नौकरियों में पेपर लीक, बदहाल शिक्षा और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे बुनियादी सवालों पर मतदान करेगा।
लोजपा नेताओं ने दावा किया कि उत्तराखंड की आम जनता राज्य की पारंपरिक दो-दलीय राजनीति से पूरी तरह ऊब चुकी है। मतदाता अब एक मजबूत, पारदर्शी और जनसरोकारों से जुड़ा विकल्प तलाश रहे हैं। संगठन को बूथ स्तर तक खड़ा करने के लिए विशेष सदस्यता अभियान चल रहा है। जल्द ही 35 सीटों के संभावित दावेदारों की पहली सूची जारी की जाएगी।
दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह चुनावों तक बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और चंदा चोरी जैसे संवेदनशील मुद्दों को ठंडा नहीं पड़ने देगी।
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने बताया कि पार्टी की आगामी कोर कमेटी बैठक में बड़ा फैसला लिया जाएगा। इस बैठक का मुख्य मकसद इन तमाम प्रशासनिक विफलताओं को सड़क पर लाकर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देना है, ताकि सरकार को बैकफुट पर धकेला जा सके।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार के हालिया आंकड़ों और दावों की धज्जियां उड़ाते हुए तीखा हमला बोला। गोदियाल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं से जुड़े मुद्दे हमेशा से कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे हैं और पार्टी इनके लिए किसी भी हद तक संघर्ष करेगी।
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा 30 हजार से अधिक युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां देने का ढिंढोरा पीटना एक सफेद झूठ के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा शासन में बेरोजगारी का ग्राफ अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे राज्य के लाखों शिक्षित युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो चुका है।









