देहरादून, 11 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand BJP vs Congress : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सीधा हमला बोला है। देहरादून में होने वाले इस आयोजन को पूरी तरह से राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार दिया गया है। नीट परीक्षा के ऐन मौके पर छात्रों का कीमती समय बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने कहा कि अब दून के युवाओं को बरगलाने की तैयारी की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मौजूदा विदेश दौरे की गोपनीयता को लेकर देश भर में चर्चाएं तेज हैं। गत 22 जून से अब तक उनके ठिकाने या गतिविधियों के बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। राहुल गांधी भारत में बिताए जाने वाले समय को ही शायद ‘विदेश प्रवास’ मान बैठते हैं, जिसके चलते वह बार-बार देश से बाहर गायब हो जाते हैं।
कांग्रेस पार्टी के भीतर इस स्थिति को लेकर गहरी असहजता देखी जा रही है। राहुल गांधी के अचानक गायब हो जाने की आदत ने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को अक्सर बड़े संकट में डाला है। जयपुर से इस छात्र संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, लेकिन पटना के युवा राहुल गांधी का इंतजार ही करते रह गए। पार्टी को ऐन वक्त पर पटना का पूरा कार्यक्रम रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। राहुल गांधी की समर हॉलिडे की ‘विदेशी लीव’ अभी तक समाप्त नहीं हो पाई है।
राजनैतिक लाभ हासिल करने के चक्कर में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिशें की जा रही हैं। पटना में मिले कड़वे अनुभवों के बाद बेहद डरे-समे और संशय के माहौल में कांग्रेस ने देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की घोषणा की है। उत्तराखंड के समझदार और जागरूक युवाओं का विजन पूरी तरह साफ है। वे किसी भी तरह के राजनीतिक बहकावे में आने वाले नहीं हैं।
नीट परीक्षा से ठीक दो दिन पहले भी राहुल गांधी ने छात्रों का एक कार्यक्रम रखवाया था। उस समय तैयारी में जुटे परीक्षार्थियों का बेहद कीमती समय नष्ट कराया गया। राजस्थान में जब पूरी गहलोत सरकार परीक्षा नकल और सिलसिलेवार पेपर लीक के संगीन आरोपों से घिरी हुई थी, तब छात्र हित की बातें करने वाले राहुल गांधी के मुंह से एक शब्द भी नहीं फूटा था। इसी भ्रष्टाचार के कारण कांग्रेस को राजस्थान की सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
उत्तराखंड के छात्र और युवा वर्ग पूरी तरह शिक्षित और जागरूक हैं। वे कांग्रेस के इस राजनीतिक झांसे और छलावे की हकीकत को अच्छी तरह पहचानते हैं। युवा अपने भविष्य को किसी भी सूरत में खराब नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने देश का सबसे कठोरतम नकल निरोधक कानून लागू करके प्रदेश से नकल माफियाओं का पूरी तरह सफाया कर दिया है।
राज्य में पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार नियुक्ति प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। सरकारी विभागों में अब तक रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक योग्य युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान पर्ची और खर्ची के दम पर नौकरियां बांटने का चलन जोरों पर था। वर्तमान व्यवस्था में एक-एक योग्य अभ्यर्थी एक साथ कई अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहा है। राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के झूठ की काली दाल देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी कीमत पर नहीं गलने वाली है।
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