देहरादून, 3 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
उत्तराखंड कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मतदाता सूची के सत्यापन और एसआईआर (स्टैंडर्ड इंक्यूरी रिपोर्ट) से जुड़ा एक अहम प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही इस प्रक्रिया के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूचियों में हो रही गड़बड़ियों पर नजर रखने के गुर सिखाए गए।
अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष हाजी सुलेमान अंसारी ने प्रशिक्षण के दौरान चुनावी मतदाता सूचियों में भारी कटौती का मुद्दा उठाया। चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के कारण उत्तराखंड में लाखों वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कट रहे हैं। पार्टी का संकल्प है कि राज्य के किसी भी योग्य नागरिक का मताधिकार न छीनने दिया जाए।
बैठक में एसआईआर के कांग्रेस प्रदेश समन्वयक ने तकनीकी बारीकियों पर विस्तार से बात की। बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और खुद मतदाता अगर प्रक्रिया के हर चरण में सतर्क रहेंगे, तो किसी का भी नाम गलत तरीके से सूची से बाहर नहीं किया जा सकता। कार्यकर्ताओं को हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने की हिदायत दी गई।
एएसडीडी व्यवस्था की वजह से जिन मतदाताओं के नाम गलती से कटे हैं, उनके नाम दोबारा जोड़ने के लिए फॉर्म 6 और उसके साथ संलग्न होने वाले फॉर्म 4 की प्रक्रिया समझाई गई। किसी गलत प्रविष्टि को हटाने या सुधार के लिए फॉर्म 7 भरने का तरीका भी practical अंदाज में बताया गया।
कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन प्रकाशित होने वाली मतदाता सूचियों के अवलोकन की सलाह दी गई। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं का पक्ष मजबूती से रखने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी साझा की गई।
अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष हाजी सुलेमान अंसारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दूसरे चरण में एक विशेष कंट्रोल रूम चालू किया जाएगा। नोटिस काल के समय यह कंट्रोल रूम प्रभावित मतदाताओं को प्रशासनिक और कानूनी सहायता सीधे मुहैया कराएगा।
आयोजित प्रशिक्षण शिविर में पूर्व विधायक मनोज रावत ने भी अपने विचार रखे और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को मुस्तैद रहने का आह्वान किया। पछवादून के जिला अध्यक्ष संजय किशोर समेत राज्य भर से आए वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्यशाला में भाग लिया।









