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जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरी उत्तराखंड कांग्रेस, प्रीतम सिंह करेंगे अगुवाई

उत्तराखंड कांग्रेस ने टपकेश्वर महादेव मंदिर से न्याय यात्रा का आगाज किया। प्रीतम सिंह के नेतृत्व में देहरादून के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रा जारी है।

देहरादून (22 अक्टूबर) : उत्तराखंड में चुनावी माहौल गर्माने के संकेत मिलने लगे हैं। जनता के अधिकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को देहरादून से अपनी ‘न्याय यात्रा’ का आक्रामक आगाज कर दिया है। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में नेताओं ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर इस सियासी अभियान की शुरुआत की। मंदिर में आशीर्वाद लेने के बाद दून के कई प्रमुख बाजारों और विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रा निकाली गई, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

टपकेश्वर मंदिर से प्रीतम सिंह का शक्ति प्रदर्शन

टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के तुरंत बाद कांग्रेस का काफिला प्रदेश मुख्यालय से राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों की ओर रवाना हुआ। राजपुर विधानसभा में पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने घंटाघर, पलटन बाजार और राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स जैसे व्यस्त इलाकों में आम जनता से सीधा जनसंपर्क किया। इस दौरान पार्टी नेताओं का मुख्य जोर महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने पर रहा। प्रीतम सिंह के साथ जोत सिंह गुनसोला, लालचंद शर्मा, सूर्यकांत धस्माना समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता इस यात्रा में पूरी ताकत के साथ मौजूद रहे।

चुनाव से पहले जनसंपर्क और विपक्ष की रणनीति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावी समर से पहले जमीनी स्तर पर जनता के बीच पैठ मजबूत करना है। कांग्रेस का यह अभियान सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में सहसपुर, विकासनगर, चकराता, धर्मपुर, कैंट और ऋषिकेश समेत प्रदेश की अन्य विधानसभा सीटों पर भी इसका विस्तार किया जाएगा।

पार्टी का यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब विपक्ष राज्य सरकार की नीतियों और जनसमस्याओं के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।

सड़क से सदन तक आर-पार की लड़ाई का ऐलान

कांग्रेस नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यह यात्रा सिर्फ एक सामान्य पदयात्रा नहीं है, बल्कि जनता के दुख-दर्द और अधिकारों की आवाज को बुलंद करने का व्यापक माध्यम है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और विपक्ष होने के नाते उनका दायित्व है कि वे हर मोर्चे पर जनता के साथ खड़े रहें।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर बनाए हुए है, ताकि व्यस्त बाजारों में यातायात बाधित न हो। आने वाले हफ्तों में यह यात्रा राज्य के अन्य जिलों में कितना असर दिखाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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