रुद्रपुर, 14 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Crime : रुद्रपुर पुलिस ने जाफरपुर कट के पास एक बड़ी मुठभेड़ में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस टीम ने आरोपियों को उस वक्त घेरा जब वे एसप्रीत कंग की हत्या करने जा रहे थे।
रविवार देर रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। जितेंद्र चौधरी अपने साथियों के साथ बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की क्विड कार में सवार था। पुलिस ने सूचना के तुरंत बाद जाफरपुर कट के पास घेराबंदी कर दी।
सामने पुलिस को देखकर आरोपियों ने कार भगा दी। यूनिटी लॉ कॉलेज के पास बदमाशों की अनियंत्रित कार सीधे तारबाड़ से जा टकराई। आरोपी तुरंत कार से उतरे और पास के बाग में छिपकर पुलिस पर गोलियां चलाने लगे।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में 28 वर्षीय जितेंद्र चौधरी घायल हो गया। वह डिबडिबा, बिलासपुर का रहने वाला है। मौके से फुलसुंगा, रुद्रपुर निवासी 21 वर्षीय सुमित राठौर और डिबडिबा, बिलासपुर निवासी 32 वर्षीय चंदन लाल को भी दबोच लिया गया।
चौथा बदमाश चंदेन फार्म, बिलासपुर निवासी निरंजन टाकुली उर्फ नीरू भागने में सफल रहा। वह लगातार पुलिस पर फायरिंग करते हुए अंधेरे में गायब हो गया। उसकी तलाश में पुलिस सघन कॉम्बिंग अभियान चला रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियारों का जखीरा मिला है। पुलिस ने तीन तमंचे, आठ जिंदा कारतूस और दो चले हुए कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। बिना नंबर प्लेट की कार और तीन मोबाइल फोन भी मौके से जब्त किए गए हैं।
जितेंद्र चौधरी क्षेत्र का एक वांछित अपराधी है। उसने 21 जून को गाबा चौक पर दिनदहाड़े बीच बाजार फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। वह अपने प्रतिद्वंद्वी की हत्या के इरादे से वहां पहुंचा था।
इसी गिरोह ने 30 जून को पुलभट्टा थाना क्षेत्र में एक अन्य वारदात की थी। वहां प्रतिद्वंद्वी के वाहन को घेरकर कई राउंड फायरिंग की गई। उस घटना में बाइक सवार एक महिला समेत कई लोग घायल हो गए थे।
सीओ विभव सैनी ने स्पष्ट किया कि जितेंद्र के खिलाफ रुद्रपुर कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज हैं। घायल बदमाश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
एसएसपी अजय गणपति ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले गैंगस्टर्स पर कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर पुलिस पर जानलेवा हमला करने, आपराधिक षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस पूरे ऑपरेशन को कोतवाल प्रकाश दानू के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में एसएसआई खुशवंत सिंह, एसआई प्रदीप कुमार, एसआई प्रदीप पंत, एसआई पंकज कुमार, एएसआई अमित कुमार और एसओजी टीम शामिल थी।
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