दून हॉराइज़न, हल्द्वानी (23 सितंबर) : कुमाऊं के सबसे बड़े व्यावसायिक शहर हल्द्वानी में रहने वाले लोगों को आने वाले दिनों में बिजली कटौती (Power Cut) का बड़ा झटका लगने वाला है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने शहर के अलग-अलग उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में 30 सितंबर तक रोजाना पांच घंटे का व्यवस्थित शटडाउन लेने का फैसला किया है। यह कटौती सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।
बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ ऑनलाइन दफ्तर चलाने वालों और दुकानदारों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। इनवर्टर भी दोपहर होते-होते जवाब दे जाएंगे।
क्यों काटी जा रही है बिजली?
ऊर्जा निगम के मुताबिक यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि पूर्वनिर्धारित सुधार कार्य है। वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए हाई-टेंशन (HT Line) तारों और पुरानी केबलों को बदलकर नई एरियल बंच्ड केबल (AB Cable) लगाई जा रही है। साथ ही तारों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की टहनियों की लॉपिंग-चॉपिंग का काम भी तेजी से निपटाया जाना है, ताकि आने वाले समय में ट्रिपिंग रोकी जा सके।
23 से 26 सितंबर: कहां और कब नहीं रहेगी आपूर्ति?
- 23 और 24 सितंबर (बुधवार व गुरुवार): बरेली रोड और रामपुर रोड फीडर से जुड़े इलाकों में सप्लाई बंद रहेगी। इसके दायरे में धर्मपुरा, मंगल पड़ाव, गली नंबर 1 से 11, मेडिकल कॉलेज, हिमालय फार्म, शीशमहल, हीरा नगर, उप कारागार (जेल), नीलकंठ अस्पताल और महिला अस्पताल के आसपास की घनी आबादी आएगी।
- 25 और 26 सितंबर (शुक्रवार व शनिवार): बाजार और काठगोदाम रोड फीडर ठप रहेंगे। बद्रीपुरा, ऑफिसर कॉलोनी, आनंद बाग, तहसील परिसर, सरस मार्केट, मल्ला गोरखपुर, कालाढूंगी रोड, कैनाल कॉलोनी, पंत कॉलोनी, सतीश कॉलोनी, संजय कॉलोनी और मुखानी क्षेत्र में दोपहर 3 बजे तक पंखे-कूलर बंद रहेंगे।
30 सितंबर को गांधी नगर फीडर बंद, आधी रात के अंधड़ से पहले ही परेशान हैं लोग
महीने के आखिरी दिन यानी बुधवार, 30 सितंबर को गांधी नगर फीडर के तहत आने वाले आंबेडकर नगर, गांधी नगर, लाइन नंबर 8 व 16 और मंगल पड़ाव के शेष हिस्सों में आपूर्ति बाधित रखी जाएगी। ऊर्जा निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने उपभोक्ताओं से वैकल्पिक व्यवस्था रखने और कार्य के दौरान सहयोग की अपील की है।
लेकिन स्थानीय बाशिंदों में नाराजगी भी कम नहीं है। दरअसल सोमवार की आधी रात को पिटकुल की ओर से बिना किसी चेतावनी के सभी 33 केवी सब स्टेशनों की कंट्रोल रोस्टिंग कर दी गई थी। रात 12 बजे से 2 बजे तक पूरा शहर भीषण उमस में जागता रहा। ऊर्जा निगम के कंट्रोल रूम नंबर घनघनाते रहे, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। पिटकुल के ईई पंकज आर्या के मुताबिक उत्पादन में अचानक आई गिरावट के चलते ग्रिड स्थिरता बनाए रखने के लिए वह आपातकालीन रोस्टिंग मजबूरी थी।









