देहरादून, 19 मई (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है। वह 92 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने की है। पूर्व मुख्यमंत्री के जाने से प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मैक्स अस्पताल में चल रहा था इलाज
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, भुवन चंद्र खंडूरी पिछले दो महीने से देहरादून के राजपुर रोड स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही थी। मंगलवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया है।
सेना से सियासत तक का सफर
राजनीति में कदम रखने से पहले भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना में एक लंबा और गौरवशाली समय बिताया। उन्होंने सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स में अपनी सेवाएं दीं। सैन्य सेवा के दौरान उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए साल 1982 में उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ (AVSM) से नवाजा गया था। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन चुना और भाजपा के टिकट पर गढ़वाल लोकसभा सीट से कई बार प्रतिनिधित्व किया।
दो बार संभाली उत्तराखंड की कमान
भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे, जिनकी छवि बेहद कड़क, अनुशासित और ईमानदार प्रशासक की रही। वह दो अलग-अलग कार्यकालों में राज्य के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए कई कड़े फैसले लिए, जिसके कारण उन्हें ‘क्लिन बोल्ड’ छवि का नेता कहा जाता था।
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के सूत्रधार
केंद्र की राजनीति में भी भुवन चंद्र खंडूरी का योगदान ऐतिहासिक रहा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। इस दौरान देश के चारों महानगरों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी ‘स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना’ (Golden Quadrilateral Project) को धरातल पर उतारने का मुख्य श्रेय खंडूरी की कार्यकुशलता को ही जाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्त किया गहरा दुख
पूर्व सीएम के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक खंडूरी जी का पूरा व्यक्तित्व देशहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन और पारदर्शिता की एक मजबूत पहचान बनाई। उनका जाना राष्ट्रीय राजनीति और उत्तराखंड के लिए एक अपूर्णीय क्षति है।









