---Advertisement---

Uttarakhand School Fire : लखनऊ कोचिंग हादसे के बाद उत्तराखंड स्थित स्कूल में लगी भयंकर आग, दो बसें और जनरेटर जलकर खाक

---Advertisement---

Uttarakhand School Fire : नैनीताल जिला मुख्यालय हल्द्वानी के हीरानगर क्षेत्र में स्थित केवीएम स्कूल में मंगलवार 23 जून की शाम अचानक भीषण आग लग गई।

शुरुआत में आग की लपटें स्कूल भवन के एक हिस्से से उठती हुई दिखाई दी थीं, लेकिन देखते ही देखते इस आग ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। परिसर से उठते धुएं के काले गुबार और ऊंची लपटों को देखकर आस-पड़ोस के रिहायशी इलाके में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई।

इस अग्निकांड ने स्कूल परिसर के भीतर खड़ी दो बसों को सीधे अपनी चपेट में ले लिया। आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि सीढ़ियों के पास खड़ी ये दोनों बसें और वहीं नजदीक में रखा भारी-भरकम जनरेटर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की चीख-पुकार मचते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर दौड़ीं।

दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद कड़ी मशक्कत के बाद इस भीषण आग पर बमुश्किल काबू पाया। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा भयानक थी कि तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों बसों और जनरेटर को जलने से बचाया नहीं जा सका।

घटनास्थल पर अफरा-तफरी के बीच सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र, सीओ अमित सैनी, स्थानीय तहसीलदार, कोतवाल विजय मेहता और मुखानी थाना प्रभारी सुशीला जोशी समेत तमाम आला अधिकारियों का अमला भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गया।

प्रशासनिक टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत पूरे हीरानगर क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर उसे अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्यों की सीधे निगरानी की गई। एसपी क्राइम जगदीश चंद्रा ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर साफ किया है कि अग्निशमन टीम ने आग की लपटों को स्कूल के मुख्य कमरों और क्लासरूम तक पहुंचने से पहले ही रोककर बुझा दिया था।

दमकल विभाग अब पूरे परिसर में हुए कुल आर्थिक नुकसान और आग लगने के वास्तविक कारणों का सटीक आकलन करने की तफ्तीश में जुटा है।

लखनऊ में बीते दिन 22 जून को एक कोचिंग सेंटर में लगी बेहद दर्दनाक आग की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इस भीषण हादसे के ठीक बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून सचिवालय में एक बेहद उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई।

सीएम धामी ने सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे आदेश जारी किए हैं कि उत्तराखंड के तमाम अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और जनता की आवाजाही वाले सभी सार्वजनिक उपयोग के भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट तुरंत शुरू किया जाए।

जनसुरक्षा को राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन भी संस्थानों में अग्निशमन की व्यवस्थाएं तय सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएंगी, उन्हें तत्काल चिन्हित कर उनके खिलाफ सुधारात्मक और विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बिजली के तारों की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास द्वारों की उपलब्धता और किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को तुरंत बाहर निकालने की तैयारियों का ग्राउंड पर कड़ाई से परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment