देहरादून, 12 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में तैनात हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए धामी सरकार ने राहत का बड़ा पिटारा खोला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपनल कर्मियों के संशोधित अनुबंध प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद अब उपनल के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों को न केवल ‘समान कार्य-समान वेतन’ का लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समान महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा।
कार्मिक सचिव शैलेश बगौली ने इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि संशोधित अनुबंध पत्र (Contract Letter) जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही प्रदेश के सभी विभाग अपने यहां कार्यरत उपनल कर्मियों के साथ नए नियमों के तहत अनुबंध शुरू कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस कदम से लंबे समय से चल रहे वेतन और भत्तों के असमंजस को समाप्त कर दिया गया है।
वेतन ढांचे और श्रेणियों में बड़ा सुधार
शासन के सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग ने अनुबंध की पुरानी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। अब तक उपनल कर्मियों को अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अधिकारी जैसी श्रेणियों में बांटा गया था, जिन्हें अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब कर्मचारी जिस भी पद पर तैनात होगा, उसे उस पद के लिए निर्धारित मानदेय ही प्राप्त होगा। इससे वेतन विसंगति की समस्याओं पर लगाम लगेगी।
नौकरी की सुरक्षा और अपील का अधिकार
नए प्रस्ताव में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। अब किसी भी उपनल कर्मचारी को प्रशासनिक आधार पर सीधे नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है, तो उसे अनिवार्य रूप से अपने से एक स्तर ऊंचे अधिकारी के समक्ष पक्ष रखने और अपील करने का कानूनी अधिकार होगा।
अल्पसंख्यक विकास और नमामि गंगे पर भी केंद्र का सहयोग
एक अन्य विकासक्रम में, समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर राज्य के लंबित 13 प्रोजेक्ट्स के लिए बजट की मांग की है। साथ ही, 17 नए प्रस्तावों पर भी केंद्र से सहयोग मांगा गया है। इधर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने हरिद्वार कुंभ के मद्देनजर गंगा स्वच्छता के लिए ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं पर वित्तीय सहायता देने का भरोसा मुख्यमंत्री धामी को दिलाया है।
अनुबंध में क्या बदला?
- महंगाई भत्ता: पहले डीए को लेकर अस्पष्टता थी, जिसे अब स्थायी कर्मियों के बराबर कर दिया गया है।
- पद आधारित मानदेय: ‘कैटेगरी’ सिस्टम खत्म, अब ‘डेजिग्नेशन’ (पद) के हिसाब से वेतन मिलेगा।
- पारदर्शिता: नए अनुबंध पत्र से विभागों और कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों में कमी आएगी।









