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Uttarakhand Weather : गढ़वाल से कुमाऊं तक मौसम का यू-टर्न, 6 जिलों में बारिश का अनुमान

उत्तराखंड में 14 से 16 अक्टूबर तक 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी और देहरादून समेत मैदानी जिलों में बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज होगी।

देहरादून (13 अक्टूबर) : उत्तराखंड में मौसम (Uttarakhand Weather) का मिजाज अचानक बड़ा बदलाव लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक राज्य में बर्फबारी की सीमा (स्नोलाइन) 3,800 मीटर से घटकर 3,500 मीटर की ऊंचाई तक नीचे आ रही है। इसका सीधा असर यह होगा कि 14 से 16 अक्टूबर के बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तेज हिमपात दर्ज होगा, जबकि देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जैसे मैदानी व तराई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। मौसम के इस दोहरे रुख से पूरे प्रदेश में पारे में भारी गिरावट आएगी और वक्त से पहले ही कड़ाके की ठंड की दस्तक हो जाएगी।

बर्फबारी की सीमा घटकर पैंतीस सौ मीटर पहुंचेगी

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार, 14 अक्टूबर को जहां 3,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले शिखरों पर बर्फबारी की शुरुआत होगी, वहीं 15 और 16 अक्टूबर को यह दायरा और नीचे खिसककर 3,500 मीटर तक पहुंच जाएगा। इसका सीधा प्रभाव यह होगा कि चारधाम के ऊपरी हिस्सों—केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और सीमांत घाटियों में बर्फ की चादर बिछ सकती है। विभाग के मुताबिक 15 अक्टूबर को गढ़वाल मंडल के जनपदों और 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जाएगी।

गढ़वाल से कुमाऊं तक पश्चिमी विक्षोभ का असर

अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में सक्रिय हो रहे इस नए मौसम तंत्र की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक है। अब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप खिलने से दिन का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ था, लेकिन हवाओं का रुख बदलते ही बादलों का डेरा जमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर को देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत मैदानी जनपदों में गर्जन के साथ बौछारें पड़ने के पूरे आसार हैं। इसके बाद 16 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जनपदों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे घाटी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं का जोर रहेगा।

चारधाम यात्रियों के लिए चेतावनी, प्रशासन हुआ अलर्ट

पहाड़ी जनपदों में तापमान में आने वाली तेज गिरावट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और ट्रैकिंग पर जाने वाले पर्यटकों को पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखने और मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान शून्य के करीब पहुंचने की संभावना है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में अचानक बारिश और सर्द हवाएं चलने से दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिसे देखते हुए जिला अस्पतालों को भी जरूरी एहतियात बरतने को कहा गया है।

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