देहरादून, 30 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में मानसून का प्रकोप लगातार बना हुआ है और राज्य के पहाड़ी तथा मैदानी इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रहे लगातार भूस्खलन के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और कई स्थानों पर रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं।
बदरीनाथ हाईवे के पास पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे जिससे आवाजाही ठप हो गई। एनएच की टीमों को मलबा हटाने के काम में लगाया गया है ताकि यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
दूसरी ओर बड़कोट के पास पाली गाड़ के निकट मंगलवार सुबह से बंद पड़ा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार दोपहर करीब दो बजे यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मशीनों और कर्मियों ने लगातार मेहनत कर मलबा साफ किया और वाहनों की आवाजाही को दोबारा शुरू कराया।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के असर से ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है। बुधवार को गंगा का पानी चेतावनी निशान को छूकर बहा जिससे तटीय इलाकों और घाटों के आसपास रहने वाले लोगों में खौफ का माहौल है।
विकासनगर के रुद्रपुर क्षेत्र में बहने वाली बरसाती गौना नदी भी बुधवार को अचानक उफान पर आ गई। नदी के तेज बहाव में एक बस समेत कई दोपहिया वाहन बुरी तरह फंस गए जिन्हें निकालने के लिए स्थानीय स्तर पर मशक्कत करनी पड़ी।
देहरादून जिले में बुधवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। सुबह के वक्त तेज धूप खिलने से लोग उमस और भीषण गर्मी से परेशान रहे लेकिन दोपहर ढलते ही अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।
बीते चौबीस घंटों के दौरान देहरादून का अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 32.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहर का न्यूनतम तापमान इस दौरान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
देहरादून जिले के भीतर सबसे अधिक 39.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई जिससे शहर के कई हिस्सों में जल निकासी की पोल खुल गई। दून अस्पताल के बाहर, तहसील चौक, हरिद्वार रोड, सहस्रधारा रोड, डीएल रोड और राजपुर रोड पर पानी भर गया।
सड़क पर जलभराव होने के कारण भारी ट्रैफिक जाम लग गया और वाहन चालकों तथा राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नगर निगम के कंट्रोल रूम को सुंदरवाला, डालनवाला, नेहरू कॉलोनी और नवादा समेत कुल छह क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें मिलीं।
नगर आयुक्त ने इन तमाम शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित विभागों और कर्मचारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अगस्त्यमुनि कस्बे में पेट्रोल पंप के समीप दोपहर के वक्त पहाड़ी से एक विशाल बोल्डर नीचे आ गिरा।
यह बोल्डर सड़क किनारे खड़ी एक कार पर जा गिरा जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि उस समय कार के अंदर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। रुद्रप्रयाग जनपद में लगातार बरस रहे पानी के कारण बदरीनाथ हाईवे को केदारनाथ हाईवे से जोड़ने वाली सुरंग के पास नुकसान हुआ है।
सुरंग के बाहरी हिस्से की पहाड़ी पर भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रशासनिक भवन का एक कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह है कि मुख्य सुरंग पूरी तरह सुरक्षित है और उसके भीतर किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत नहीं आई है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर सुरंग के बाहर क्षतिग्रस्त हुए हिस्से का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और भूगर्भीय वैज्ञानिकों की टीम से इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।









