उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट। 3500 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट की संभावना।
देहरादून (18 अक्टूबर) : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और मौसमी बदलाव के चलते ठंड ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के तीन सीमांत जिलों-उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़-में हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताज़ा बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी जिलों में भी सुबह और शाम की ठिठुरन बढ़ गई है।
सीमांत इलाकों में बर्फबारी से तापमान तेजी से गिरेगा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 3500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित हिमालयी शिखरों पर हल्की बर्फबारी दर्ज हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। ऊंचाई पर बर्फ की सफेद चादर बिछने से निचली घाटियों में सर्द हवाएं चलने लगी हैं, जिससे पारा तेजी से नीचे लुढ़कने की संभावना है।
दिन में धूप और शाम ढलते ही गुलाबी ठंड
राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। मैदानों में दिन के समय चटक धूप खिलने से तापमान सामान्य बना हुआ है, जबकि दोपहर बाद पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं शाम होते ही मौसम सर्द कर देती हैं। दून में आसमान मुख्य रूप से साफ से लेकर आंशिक बादलों से घिरा रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 31.0°C और न्यूनतम तापमान 16.0°C के आसपास बने रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में सुबह-शाम गुलाबी ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह
उच्च हिमालयी ट्रैकिंग रूट्स और ऊंचाई वाले गांवों में दोपहर बाद बादलों के मंडराने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय जिलों में अचानक चमकने वाली आकाशीय बिजली और तापमान में गिरावट को लेकर चेतावनी दी है। स्थानीय प्रशासन ने सीमांत क्षेत्रों के निवासियों और यात्रियों को ऊंचाई वाले संवेदनशील रास्तों पर आवाजाही के दौरान मौसम के ताजा बुलेटिन पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।









