देहरादून, 03 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में लंबे समय से मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सेविकाओं और मिनी कर्मचारियों के लिए शनिवार का दिन राहत भरा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ संगठन के प्रतिनिधिमंडल की हुई बैठक में मानदेय बढ़ाने पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख और ठोस आश्वासन के बाद आंगनबाड़ी संगठन ने फिलहाल अपना धरना स्थगित करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को जायज मानते हुए ₹140 प्रतिदिन की मानदेय बढ़ोतरी पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस वृद्धि के संबंध में अविलंब शासन स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मानदेय वृद्धि और केंद्र का प्रस्ताव
बैठक के दौरान सचिव चंद्रेश यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से की गई वृद्धि के अतिरिक्त, केंद्र सरकार की तरफ से भी ₹150 प्रतिदिन की बढ़ोतरी का एक प्रस्ताव विभागीय स्तर पर पहले ही भेजा जा चुका है। संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ मांग पत्र के हर बिंदु पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सरकार का रुख पूरी तरह सहयोगी रहा।
कटौती पर रोक और अन्य राहत
वार्ता में एक प्रमुख मुद्दा मानदेय से होने वाली ₹300 की कटौती का था। सरकार और विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आंगनबाड़ी कर्मी की सहमति के बिना उनके मानदेय से यह राशि नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा, विभाग ने यह भी आश्वस्त किया है कि जो कार्यकत्रियां आंदोलन या धरने पर शामिल थीं, उनके मानदेय में विरोध प्रदर्शन के आधार पर कोई कटौती नहीं की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें कार्मिक सचिव शैलेश बगौली, सचिव चंद्रेश यादव, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास निदेशक बंशीलाल राणा और राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी शामिल थे। वार्ता सफल होने पर चीफ कोऑर्डिनेटर इंद्रजीत सिंह कडाकोटी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।









