अखिलेश यादव के उत्तराखंडियों को घुसपैठिया बताने वाले बयान पर बीजेपी आक्रामक। विनोद चमोली ने कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए सवाल।
देहरादून (24 अक्टूबर) : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों को कथित तौर पर ‘घुसपैठिया’ बताए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे देवभूमि और यहां के नागरिकों का सीधा अपमान करार दिया है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने इस बयान की कड़ी भर्त्सना करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस की चुप्पी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं और इसे राजनीतिक समझौते का परिणाम बताया है।
अखिलेश के बयान पर भड़की बीजेपी का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उनकी मानसिक विकृति और उत्तराखंड विरोधी सोच को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी अखिलेश में मुलायम सिंह यादव की वही पुरानी मानसिकता जीवित है जो राज्य आंदोलन के समय देखने को मिलती थी। चमोली ने कहा कि देश के किसी भी राज्य में कोई भी नागरिक रह सकता है, ऐसे में राज्य के मूल नागरिकों को घुसपैठिया कहना बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इंडिया गठबंधन का हिस्सा होने के नाते कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी इस बयान का समर्थन करते हैं?
राज्य आंदोलन और पुराने इतिहास की याद
विवाद की पृष्ठभूमि पर बात करते हुए विधायक विनोद चमोली ने मुजफ्फरनगर कांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान भी तत्कालीन सपा सरकार ने आंदोलनकारियों पर जुल्म ढाया था और उस समय कांग्रेस की केंद्र सरकार ने उन्हें संरक्षण दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है और आज एक बार फिर समाजवादी पार्टी उत्तराखंड के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने हरीश रावत, प्रीतम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य कांग्रेस नेताओं को खुली चुनौती दी कि वे इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें और बताएं कि वे इस अपमान पर चुप क्यों हैं।
कांग्रेस की चुप्पी और प्रशासनिक हलचल
भाजपा ने साफ कर दिया है कि देवभूमि के सम्मान और राष्ट्रभक्त मानस के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि उत्तराखंड के लोगों ने देश की सुरक्षा में हमेशा अपनी अहम भूमिका निभाई है और उन्हें इस तरह से दोयम दर्जे का नागरिक साबित करना बेहद शर्मनाक है। इस तीखे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के पूरे आसार हैं।









