देहरादून, 12 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच मौसम (Uttarakhand Weather Alert) के बदलते मिजाज ने प्रशासन और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 12 और 13 मई को प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश और गर्जना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्री अपनी सुरक्षा के मद्देनजर ताजा अपडेट लेने के बाद ही आगे का कार्यक्रम तय करें।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि यदि संभव हो तो मौसम सामान्य होने तक अपनी यात्रा को स्थगित रखें या सुरक्षित स्थानों पर रुकें। प्रशासन का मानना है कि खराब मौसम में यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और यात्रा मार्गों पर पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और तेज हवाओं का संकट
देहरादून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जनपदों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से 4500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखी जा सकती है। इसके अलावा, मैदानी जनपदों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अंदेशा है, जिसे देखते हुए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
भूस्खलन का खतरा और प्रशासनिक तैयारियां
चारधाम यात्रा मार्गों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसी स्थिति में मार्ग अवरुद्ध होने से यात्रियों को घंटों जाम और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने विभिन्न यात्रा पड़ावों पर अपनी टीमें तैनात की हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति या मार्ग बंद होने की सूरत में त्वरित कार्रवाई की जा सके। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे मार्ग खुलने की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही यात्रा में आगे बढ़ें।









