देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा को अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन अचानक देहरादून से दिल्ली और फिर अपने संसदीय क्षेत्र हरियाणा के लिए रवाना होना पड़ा है। उनके लोकसभा क्षेत्र सिरसा में एक बड़ी दुर्घटना होने की सूचना मिली है, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की खबर है। इस आपात स्थिति को देखते हुए उन्होंने गुरुवार सुबह का अपना तय कार्यक्रम रद्द कर दिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस बदलाव की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सिरसा में हुई इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलने के बाद कुमारी शैलजा ने बुधवार 17 जून की देर रात तक ही जागकर सभी अनिवार्य बैठकें निपटा ली थीं। तय शेड्यूल के मुताबिक जो सामूहिक बैठक आज 18 जून को होनी थी, उसे बीती रात ही पूरा कर लिया गया ताकि जनहित के इस संवेदनशील मामले में वे तुरंत अपने क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंच सकें।
रातभर चलीं बैठकें, 2027 के लिए मिला टास्क
बुधवार को देहरादून पहुंचते ही कुमारी शैलजा ने सीधे सांगठनिक मोर्चे पर काम शुरू कर दिया था। उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी, महानगर अध्यक्षों, विभिन्न प्रकोष्ठों, विभागों और अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि गुटबाजी से ऊपर उठकर जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना ही 2027 के विधानसभा चुनाव की पहली सीढ़ी होगी।
प्रीतम सिंह की अगुवाई में आज तैयार होगा कैंपेन रोडमैप
भले ही प्रदेश प्रभारी अचानक रवाना हो गई हों, लेकिन देहरादून में कांग्रेस का तय एजेंडा जारी है। आज चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में सभी वरिष्ठ नेताओं की एक उच्च स्तरीय बैठक हो रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अगले दो से तीन महीनों के भीतर प्रदेश भर में चलाए जाने वाले जन-आंदोलनों और रैलियों की रूपरेखा तय करना है।
आगामी निकाय चुनाव और केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस का यह आक्रामक रुख उत्तराखंड की सियासत को गरमाएगा। लगातार सांगठनिक दौरों और कैंपेन रोडमैप से आने वाले दिनों में बिजली, पानी, और सड़कों जैसे स्थानीय मुद्दों पर विपक्ष का प्रदर्शन उग्र होने के आसार हैं, जिससे सीधे तौर पर जनता से जुड़े प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकते हैं।









