देहरादून, 1 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Electricity Bill Hike : ऊर्जा निगम ने उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं पर 5900 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ डालने की पूरी तैयारी कर ली है। विद्युत नियामक आयोग को सीधे 50 प्रतिशत बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। साल 2003 से लटके हुए ग्रॉस फिक्स्ड एसेट और यूपी ट्रांसफर स्कीम का सारा पैसा अब आम जनता की जेब से वसूला जाएगा।
लंबे समय से ऊर्जा निगम इस बकाए का भुगतान करने की मांग सरकार से कर रहा था। ऊर्जा विभाग ने कैबिनेट में एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें निगम की ओर से दिए जाने वाले 5500 करोड़ रुपये को इस पैसे से एडजस्ट करके बैलेंस शीट दुरुस्त करने की योजना थी। वित्त विभाग ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए फाइल को सिरे से खारिज कर दिया।
आयोग को भेजे गए नए प्रस्ताव में 2003 से लंबित चल रहे जीएफए और ट्रांसफर स्कीम के बकाया पैसे को पूरी तरह से शामिल किया गया है। विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने साफ किया है कि जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इन आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से लेने के बाद ही प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगेगी।
राज्य में मौजूदा समय में बीपीएल उपभोक्ताओं से 1.85 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली का बिल लिया जा रहा है। आम घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक 3.65 रुपये और 101 से 200 यूनिट के बीच 5.25 रुपये चुकाने पड़ते हैं। 200 से 400 यूनिट तक यह दर 7.15 रुपये और 400 यूनिट पार होते ही 7.80 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
नैनीताल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिजली विभाग की सेवा में कमी को गंभीर मानते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। लालकुआं विद्युत वितरण खंड ने बिंदुखत्ता के इंदिरा नगर-2 निवासी हरि किशन पनेरू का खराब मीटर बदलने के बजाय उन्हें सीधे 55,179 रुपये का भारी भरकम बिल थमा दिया था। पनेरू का बिजली मीटर 2021 में खराब हुआ था जिसे विभाग ने लंबे समय तक नहीं बदला।
सामान्य दिनों में इस उपभोक्ता का बिल 263 से लेकर 796 रुपये तक आता था। विभाग ने अपनी लापरवाही को छिपाते हुए किस्तों में यह मनमाना बिल पनेरू के घर भेज दिया। आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल और सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत की पीठ ने सुनवाई करते हुए इस बिल को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
पीठ ने सख्त आदेश दिया है कि दिसंबर 2022 से उपभोक्ता के बकाया बिल की गणना अधिकतम 250 रुपये प्रति माह के हिसाब से की जाए। उपभोक्ता पहले ही 29,924 रुपये जमा कर चुका था जिसे अब नए बिल में पूरी तरह से समायोजित किया जाएगा।
आयोग ने लालकुआं विद्युत वितरण खंड को 45 दिनों के भीतर इस आदेश का अनुपालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मानसिक उत्पीड़न के लिए 20 हजार और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान विभाग को पीड़ित उपभोक्ता को हर हाल में करना होगा।









