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“कांग्रेस छोड़ BJP में आए नेता क्या हैं?” मनवीर चौहान के ‘गधे-घोड़े’ बयान पर गोदियाल का तीखा पलटवार!

उत्तराखंड में मनवीर चौहान के ‘गधे-घोड़े’ बयान पर बवाल। कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का पलटवार, कहा- बीजेपी में गए मथुरा दत्त जोशी खुद बताएं अपनी श्रेणी।

देहरादून (13 अक्टूबर) : उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछने से पहले नेताओं के पाला बदलने पर जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान द्वारा कांग्रेस छोड़ भगवा दल में आए नेताओं के विचारों को ‘गधे-घोड़े’ जैसा बताए जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीधा पलटवार किया है।

गोदियाल ने इस बयान को दलबदलुओं की दुखती रग बना दिया और सीधा सवाल दागा कि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी जैसे नेता अब खुद साफ करें कि वे मनवीर चौहान की परिभाषा में ‘गधे’ की श्रेणी में आते हैं या ‘घोड़े’ की श्रेणी में।

दलबदलुओं पर फंसा पेंच, गोदियाल का तीखा पलटवार

देहरादून में प्रेस से बातचीत के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ किया कि सत्ताधारी दल के मुख्य प्रवक्ता के इस बयान का सबसे सटीक जवाब वही लोग दे सकते हैं जो कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं। गोदियाल ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वालों में वरिष्ठ नेता मथुरा दत्त जोशी भी शामिल हैं, जो आजकल बीजेपी में दलबदलुओं के सबसे बड़े पैरोकार बने घूम रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सीधे मथुरा दत्त जोशी के पास जाकर पूछना चाहिए कि बीजेपी मीडिया प्रभारी ने जो शब्द इस्तेमाल किए हैं, उसमें वे खुद को किस दर्जे में फिट पाते हैं। गोदियाल के इस वार ने बीजेपी में शामिल हुए पूर्व कांग्रेसी खेमे को भारी असहजता में डाल दिया है।

मनवीर चौहान के विवादित बयान से गरमाई सियासत

विवाद की शुरुआत बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दलबदल को विचारधारा की कसौटी पर कसने की कोशिश की थी। चौहान ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि अगर कोई नेता कांग्रेस में रहते हुए ‘गधे-घोड़े’ जैसे ख्यालात रखता था, तो बीजेपी में आने के बाद उसके विचारों में सुधार हो जाता है।

उन्होंने बीजेपी को विचारधारा आधारित अनुशासित संगठन बताते हुए कहा था कि कांग्रेस में रहने पर सोच लूली-लंगड़ी हो जाती है, जबकि बीजेपी में आते ही सबके विचार दुरुस्त हो जाते हैं। चौहान का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई कि क्या बीजेपी अपने ही नए साथियों के अतीत को अपमानित कर रही है।

उत्तराखंड चुनाव से पहले दलबदल पर छिड़ा संग्राम

आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तराखंड में दोनों मुख्य दलों के बीच जोड़-तोड़ की होड़ मची हुई है। हाल के महीनों में कई पूर्व विधायकों और पदाधिकारियों ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गणेश गोदियाल ने मनवीर चौहान के इस विवादित बयान को दलबदलुओं के आत्मसम्मान से जोड़कर एक बड़ा सियासी दांव खेला है।

इससे न सिर्फ कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई है, बल्कि पार्टी बदलने की सोच रहे अन्य नेताओं के मन में भी हिचक पैदा हो सकती है। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच इस जुबानी तकरार ने चुनावी माहौल को वक्त से पहले पूरी तरह गरमा दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. बीजेपी नेता मनवीर चौहान ने कांग्रेस से आए नेताओं को लेकर क्या बयान दिया था?

मनवीर चौहान ने दावा किया था कि कांग्रेस में नेताओं के विचार ‘गधे-घोड़े’ जैसे या लूले-लंगड़े होते हैं, लेकिन विचार आधारित पार्टी बीजेपी में शामिल होते ही वे सुधर जाते हैं।

2. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस बयान पर क्या पलटवार किया?

गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए मथुरा दत्त जोशी जैसे नेता अब खुद जनता को बताएं कि वे इनमें से किस श्रेणी में आते हैं।

3. 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से इस जुबानी जंग के क्या मायने हैं?

चुनाव से पहले दोनों दलों में जोड़-तोड़ तेज है; ऐसे में इस विवाद ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले नेताओं के आत्मसम्मान और सियासी साख पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है।

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