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धामी का बड़ा ऐलान, चम्पावत ब्लॉक की हर ग्राम सभा को सीधे मिलेंगे 10-10 लाख रुपये

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को 96 करोड़ की सौगात दी। ब्लॉक की प्रत्येक ग्राम सभा को 10-10 लाख रुपये और न्याय पंचायतों में सामुदायिक भवन की घोषणा की।

चम्पावत (18 अक्टूबर) : सीमांत जनपद चम्पावत को अगले 50 वर्षों की चुनौतियों और जरूरतों के हिसाब से संवारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को 95 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये लागत की 16 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फैसला विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए सीधे 10-10 लाख रुपये की विशेष धनराशि देने की घोषणा रहा।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित सर्किट हाउस और 1.37 करोड़ रुपये की लागत से बने देवभूमि रजत जयंती पार्क का लोकार्पण करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आदर्श चम्पावत मॉडल के जरिए ग्रामीण आधारभूत ढांचे को विकेंद्रीकृत वित्तीय ताकत देने जा रही है।

हर ग्राम पंचायत को 10 लाख का सीधा फंड

मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, चम्पावत ब्लॉक की ग्राम सभाओं को मिलने वाले 10-10 लाख रुपये के बजट से ग्राम पंचायतें बिना किसी लंबी प्रशासनिक लेटलतीफी के अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार फैसले ले सकेंगी। इस बजट से ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालयों की स्थापना, संपर्क मार्गों की मरम्मत, आजीविका संवर्धन, स्थानीय उत्पाद केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण के काम प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।

इसके अलावा जनपद की न्याय पंचायतों में आम लोगों की सामाजिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सामुदायिक भवनों के निर्माण का भी ऐलान किया गया। अधिवक्ताओं के लिए जिला बार एसोसिएशन परिसर में चैम्बर निर्माण, व्यवस्थित वाहन पार्किंग और आधुनिक ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा भी की गई।

96 करोड़ का बजट और 66 करोड़ का ड्रेनेज प्लान

लोकार्पित और शिलान्यास की गई 16 परियोजनाओं में 67 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की 11 योजनाओं का लोकार्पण और 28 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। सीमांत क्षेत्र में भारी मानसूनी बारिश और जलभराव की पुरानी समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने 66 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विशेष ड्रेनेज प्लान का ब्योरा सामने रखा।

साथ ही विद्युत लाइनों को भूमिगत करने, दूरस्थ सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी सुधारने और टनकपुर में बन रहे आधुनिक आईएसबीटी टर्मिनल के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कैलाश मानसरोवर यात्रा के मुख्य पड़ाव मार्ग को चौड़ा और सुरक्षित बनाने के लिए बाईपास और बहुमंजिला पार्किंग के कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

अंतिम छोर तक सुविधाएं पहुंचाने की प्रशासनिक समयसीमा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व सैनिकों, आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं, पीआरडी जवानों, रोडवेज और मिनिस्टीरियल कर्मचारियों के साथ-साथ सप्तेश्वर/सप्तकोशी परिक्रमा प्रस्तावक समिति से सीधा संवाद कर स्थानीय समस्याएं सुनीं।

जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव को निर्देश दिए गए कि सभी 16 विकास योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जाए, ताकि बजट समय पर धरातल पर उतरे। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकारी फाइलों में दर्ज योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े नागरिक तक पहुंचना सुनिश्चित होना चाहिए।

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