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देहरादून: किमाड़ी के घने जंगल में मिला लापता छात्र का कंकाल, हत्या का आरोप

देहरादून के किमाड़ी जंगल में 93 दिनों से लापता बीएससी छात्र शारिक का कंकाल बरामद हुआ है। परिजनों ने उसके साथ रहने वाले दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है।

देहरादून (19 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून में पिछले 93 दिनों से लापता चल रहे 22 वर्षीय छात्र मोहम्मद शारिक का कंकाल पुलिस ने किमाड़ी के घने जंगल से बरामद किया है। बिजनौर के शेरकोट निवासी शारिक देहरादून की आजाद कॉलोनी में किराए पर रहकर रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी में बीएससी कर रहा था। 17 जुलाई की रात करीब 10 बजे कमरे से अपनी स्कूटी लेकर निकला छात्र जब वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

जंगल में करीब सात किलोमीटर अंदर ड्रोन सर्च के जरिए बरामद कंकाल की शिनाख्त परिजनों ने कपड़ों से की है। इस बरामदगी के बाद परिजनों ने छात्र के साथ रहने वाले दो युवकों पर सीधे हत्या का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

रूममेट्स पर हत्या का आरोप और ड्रोन से तलाश

पुलिस के मुताबिक 17 जुलाई की रात शारिक कमरे में मौजूद साथी को आधे घंटे में लौटने की बात कहकर निकला था, लेकिन उसका फोन बंद हो गया। 18 जुलाई को पटेल नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले में अपहरण की धाराएं जोड़ी थीं। महीनों तक चले तलाशी अभियान के बाद पुलिस टीम ने किमाड़ी के दुर्गम जंगल में ड्रोन कैमरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां मुख्य रास्ते से करीब सात किलोमीटर भीतर झाड़ियों में कंकाल दबा मिला।

परिजनों ने मौके पर मौजूद कपड़ों के आधार पर पुष्टि की कि कंकाल शारिक का ही है। परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में शारिक के साथ रहने वाले दो परिचित युवकों पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया है।

आजाद कॉलोनी का कमरा और आखिरी फोन कॉल

जांच में सामने आया है कि शारिक शहर की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा था और आजाद कॉलोनी में किराए पर कमरा लेकर रहता था। परिजनों का कहना है कि शारिक का किसी से कोई पुराना विवाद सामने नहीं आया था, लेकिन जिस तरह वह अचानक रात को निकला और उसका फोन बंद हुआ, वह पहले दिन से किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रहा था।

पुलिस अब शारिक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), आखिरी लोकेशन और उस रात उसके कमरे पर मौजूद दोनों युवकों की गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ रही है। पुलिस टीम उस स्कूटी की भी तलाश कर रही है जिसे लेकर वह उस रात निकला था।

फॉरेंसिक जांच और डीएनए रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई

पटेल नगर कोतवाली प्रभारी नरेश राठौर के अनुसार, पुलिस ने कंकाल के अवशेषों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक और डीएनए परीक्षण के लिए भेज दिया है ताकि आधिकारिक पुष्टि और मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ हो पाएगा कि छात्र की मौत हत्या थी या वह किसी हादसे का शिकार हुआ।

फिलहाल पुलिस ने परिजनों के आरोपों के आधार पर संदिग्ध युवकों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में दर्ज मुकदमे को हत्या से जुड़ी सुसंगत धाराओं में तरमीम करने की प्रक्रिया जारी है।

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