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अंकिता हत्याकांड और अग्निवीर पर आर-पार, गैरसैंण कूच की तैयारी में जुटी कांग्रेस

गैरसैंण में 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव करेगी कांग्रेस। अंकिता भंडारी केस, अग्निवीर और पेपर लीक के मुद्दों पर गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन।

देहरादून (25 अक्टूबर) : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 27 अक्टूबर को सियासी पारा चढ़ने जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ सीधे टकराव का बिगुल फूंक दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में 27 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे गैरसैंण विधानसभा का बड़ा घेराव किया जाएगा।

पार्टी ने केवल रूटीन मुद्दों तक सीमित न रहकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, अग्निवीर योजना की वापसी, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और कथित वोट चोरी जैसे सुलगते मुद्दों को मुख्य हथियार बनाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी ने रविवार को प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं, जिला, ब्लॉक और महानगर इकाइयों को गैरसैंण कूच करने का सख्त निर्देश जारी किया है।

अंकिता को न्याय और अग्निवीर पर खुला मोर्चा

कांग्रेस ने इस घेराव के जरिए उत्तराखंड के उन संवेदनशील मुद्दों को छेड़ा है, जो सीधे पहाड़ के जनमानस और युवाओं से जुड़े हैं। संगठन महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी के अनुसार, राज्य की बेटी अंकिता भंडारी को अब तक इंसाफ न मिलना और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़े करते हैं।

इसके साथ ही सेना भर्ती की रीढ़ मानी जाने वाली गढ़वाल और कुमाऊं रेजीमेंट के युवाओं के भविष्य से जुड़ी ‘अग्निवीर योजना’ को समाप्त करने की मांग को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि केंद्र और राज्य की नीतियों ने सीमांत क्षेत्रों से युवाओं के पलायन को और तेज कर दिया है, जिसके खिलाफ विधानसभा के मुहाने पर आवाज बुलंद की जाएगी।

भर्ती घोटालों और कथित वोट चोरी पर तीखा विवाद

विपक्ष ने राज्य में हाल के वर्षों में सामने आई भर्ती परीक्षाओं की गड़बड़ियों और पेपर लीक प्रकरणों को लेकर भी धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि युवाओं के रोजगार और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। इसके अलावा, कांग्रेस ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग जोड़कर सियासी लड़ाई को कानूनी व लोकतांत्रिक जवाबदेही तक खींच दिया है।

पार्टी नेताओं का दावा है कि देवभूमि में जल, जंगल और जमीन पर भूमाफियाओं के कथित अवैध कब्जों, अंधाधुंध अवैध खनन और सरकारी मशीनरी में कमीशनखोरी से आम नागरिक त्रस्त है, जिसका हिसाब गैरसैंण में मांगा जाएगा।

विधानसभा घेराव से पहले गैरसैंण में बढ़ाई गई सुरक्षा

कांग्रेस के इस बड़े शक्ति प्रदर्शन के ऐलान के बाद चमोली जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र पूरी तरह सतर्क हो गया है। गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर और उससे सटे दिवालीखाल जैसे प्रमुख संपर्क मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। 13 जिलों से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन और सुरक्षा घेरा सख्त कर रहा है।

कांग्रेस इसे आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले सरकार के खिलाफ जनता की अदालत में सीधी चार्जशीट के तौर पर पेश कर रही है, जिससे 27 अक्टूबर को गैरसैंण की पहाड़ियों पर बड़ा सियासी घमासान तय माना जा रहा है।

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