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पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर दाखिला शुरू, सीएम धामी ने लिया जायजा

पिथौरागढ़ के बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर दाखिला शुरू। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चंडाक पहुंचकर निर्माण कार्यों की समीक्षा की।

पिथौरागढ़ (25 अक्टूबर) : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव सामने आया है। चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम राजकीय मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। रविवार को मेडिकल कॉलेज परिसर की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाकी बचे सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज के पहले बैच के छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके अनुभव और सुझाव भी जाने।

पिथौरागढ़ में 50 MBBS सीटों पर दाखिला शुरू

चीन और नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के लिए यह शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से अहम मोड़ मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कॉलेज में औपचारिक दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से अब सीमांत क्षेत्र को हर साल 50 नए डॉक्टर मिलेंगे। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल और गंगोलीहाट विधायक फकीर राम टम्टा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कॉलेज के विभिन्न विभागों, कक्षाओं और लैब का मुआयना किया। उन्होंने मेडिकल छात्रों से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि सीमांत क्षेत्र के इस संस्थान में फैकल्टी और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

लंबे इंतजार के बाद दूर होगा रेफरल का दर्द

पिथौरागढ़, धारचूला और मुनस्यारी जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों के लोगों को अब तक गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में 150 से 200 किलोमीटर दूर अल्मोड़ा या हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती थी। पहाड़ी रास्तों पर जाम और दूरी के चलते मरीजों की जान जोखिम में पड़ना लंबे समय से बड़ी समस्या रही है।

बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज के निर्माण की गति को लेकर पहले सवाल उठते रहे हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को चेताया कि काम में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। अस्पताल ब्लॉक, हॉस्टल और स्वास्थ्य उपकरणों की स्थापना तय समय में पूरी करने का निर्देश दिया गया है ताकि जनता को ओपीडी और भर्ती की पूरी सुविधा मिल सके।

सीमांत जिलों में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करेगी सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प दूरस्थ सरहदी इलाकों तक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मेडिकल कॉलेज के पूरी तरह शुरू होने से न केवल पिथौरागढ़ बल्कि चंपावत और बागेश्वर के सीमांत गांवों की जनता को भी बड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों का इलाज स्थानीय स्तर पर मिलेगा। स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलने से पलायन पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर तक पहुंचने वाली सड़क, निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति के इंतजाम प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त रखे जाएं।

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