श्रीनगर से देहरादून लौटते वक्त सीएम पुष्कर सिंह धामी अचानक चाय की दुकान पर रुके। स्थानीय लोगों से संवाद कर दिया लोकल फॉर वोकल का संदेश।
देहरादून (28 अक्टूबर) : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपनी सहज कार्यशैली का परिचय देते हुए श्रीनगर में एक आम चाय की दुकान पर कुछ वक्त बिताया। जीवीके हेलीपैड से सड़क मार्ग द्वारा देहरादून वापसी के दौरान उनका काफिला श्रीनगर चुंगी के पास रुका, जहां उन्होंने मंगल सिंह की छोटी सी दुकान पर आम नागरिकों के साथ चाय की चुस्की ली। इस दौरान सीएम ने प्रशासनिक प्रोटोकॉल से हटकर खुद ही बच्चियों, स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों को चाय परोसी, जिससे वहां मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सड़क मार्ग के निरीक्षण दौरान अनियोजित पड़ाव
मुख्यमंत्री का यह दौरा आधिकारिक रूप से सड़क मार्ग के निरीक्षण से जुड़ा था, लेकिन श्रीनगर चुंगी पर उनका यह अनियोजित ठहराव चर्चा का विषय बन गया। अचानक मुख्यमंत्री को अपनी दुकान पर देखकर दुकानदार मंगल सिंह और आसपास के लोग हैरान रह गए। सीएम धामी ने केवल चाय ही नहीं पी, बल्कि दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से खुलकर बातचीत की और उनकी समस्याएं व हाल-चाल भी जाना। प्रशासनिक गलियारों में इसे जनता से सीधे जुड़ने की एक प्रभावी और सादगीपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
लोकल फॉर वोकल का दिया मजबूत संदेश
इस पूरी अनौपचारिक मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने देश में चल रहे ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को जमीन पर उतारने का साफ संदेश दिया। छोटे दुकानदारों और क्षेत्रीय व्यापारियों के बीच पहुंचकर उन्होंने यह रेखांकित किया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और छोटे कारोबारियों का समर्थन करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के जन-संवाद कार्यक्रमों से न केवल जमीनी हकीकत का सीधा फीडबैक मिलता है, बल्कि आम जनता और शासन के बीच की दूरी भी कम होती है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-संवाद का समन्वय
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच इस तरह का सहज आचरण यह दिखाता है कि राज्य का शीर्ष नेतृत्व जमीनी स्तर पर जुड़ने के कितने करीब है। स्थानीय लोगों और बच्चियों के साथ मुख्यमंत्री की यह आत्मीय बातचीत सोशल मीडिया पर भी काफी सराही जा रही है। प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, सड़क मार्ग के इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन और व्यापारिक माहौल को भी बहुत करीब से महसूस किया।









