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6 नवंबर को अमित शाह सौंपेंगे प्रेसिडेंट्स कलर, उससे ठीक पहले पुलिस वर्दी में किया बड़ा बदलाव

उत्तराखण्ड पुलिस को मिला नया ध्वज, प्रतीक चिह्न और ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ मोटो। सीएम धामी ने सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण कर 1064 हेल्पलाइन समीक्षा के आदेश दिए।

देहरादून (31 अक्टूबर) : राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर उत्तराखण्ड पुलिस की पहचान और सेरेमोनियल स्वरूप को 18 साल बाद पूरी तरह बदल दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में राज्य पुलिस के नए ध्वज, प्रतीक चिह्न (Insignia), फॉरमेशन साइन, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया।

इसी के साथ पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ भी औपचारिक रूप से लागू हो गया। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बीच मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन 1064 की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तरह नियमित समीक्षा करने और जनता की शिकायतों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।

नए ध्वज और ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ मोटो का अनावरण

पुलिस मुख्यालय से जारी विवरण के अनुसार, 4 अप्रैल 2008 को पहली बार अपनाए गए तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज को अब पूरी तरह बदल दिया गया है। नए ध्वज को गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि पर तैयार किया गया है, जिसके केंद्र में नया प्रतीक चिह्न और किनारों पर लाल व स्वर्णिम बॉर्डर हैं। नवीन प्रतीक चिह्न में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ के साथ हिमालय और गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों की रेखाओं को शामिल किया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगने वाले फॉरमेशन साइन और इंसिग्निया भी इसी नए डिजाइन के तहत बदले गए हैं। पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश और विशेष परेड अलंकरण जोड़कर इसे आधुनिक व विशिष्ट रूप दिया गया है।

2008 के पुराने स्वरूप में बदलाव का पूरा घटनाक्रम

राज्य गठन के बाद पुलिसिंग की बदलती चुनौतियों, तकनीकी विस्तार और बढ़ते दायित्वों को देखते हुए पुराने प्रतीकों के पुनर्गठन की मांग लंबे समय से चल रही थी। पुलिस मुख्यालय द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री धामी ने 21 अक्टूबर 2026 को अंतिम मंजूरी दी थी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रोन्नत हुईं श्रीमती शाहजहां जावेद खान और श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न लगाकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रतीकों और वर्दी में बदलाव का असली असर तभी दिखेगा जब थानों और चौकियों पर आने वाले आम नागरिकों के साथ पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता और जांच में पारदर्शिता जमीन पर नजर आए।

हेल्पलाइन 1064 की समीक्षा और प्रेसिडेंट्स कलर परेड

प्रतीकों के बदलाव के साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 की शुरुआत की। उन्होंने सतर्कता विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 को सीधे जनता के विश्वास से जोड़ते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को निर्देश दिए कि इस हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक शिकायत की उच्च स्तर पर नियमित निगरानी की जाए। इधर, पुलिस विभाग अब आगामी 6 नवंबर की तैयारी में जुट गया है, जब केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देहरादून में उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ (President’s Police Colour) से अलंकृत करेंगे। उस ऐतिहासिक परेड में राज्य पुलिस के जवान पहली बार इसी नई सेरेमोनियल वर्दी और नए ध्वज के साथ मार्च पास्ट करेंगे।

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