गोपेश्वर, 12 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Badrinath Donation Theft : बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की संलिप्तता एक से अधिक बार पाई गई है। बीकेटीसी की आंतरिक जांच में यह सीधा खुलासा हुआ है। सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने चोरी की घटना की पुष्टि कर दी है।
दो जुलाई को नगद चढ़ावा गिनती के दौरान हेराफेरी का मामला सामने आया था। घटना की तहकीकात के लिए गठित चार सदस्यीय बीकेटीसी टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है। टीम ने सीईओ को 18 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में घटना का पूरा ब्योरा दर्ज है।
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कार्मिक 2 जुलाई को कई बार नोट ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। 29 जून की गणना वाले वीडियो में भी आरोपी कुछ नोट अपने पास रखता प्रतीत हो रहा है। जांच रिपोर्ट सीईओ के पास पहुंच चुकी है।
जांच दल को घटना के दिन 2 जुलाई से मात्र 14 दिन पहले तक के ही फुटेज हाथ लग पाए हैं। मंदिर में लगे पुराने सीसीटी कैमरे अधिक उन्नत किस्म के नहीं हैं। इन कैमरों की अधिकतम स्टोरेज क्षमता केवल 15 दिनों की है। 14 दिन पुराने फुटेज के कई हिस्से जांच टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।
कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में दान गणना कक्ष और पूरे मंदिर परिसर में हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाने की जरूरत बताई है। मंदिर के प्ररिक्रमा पथ के सभी ब्लाइंड स्पॉट को सीसीटीवी से कवर करने की स्पष्ट सिफारिश की गई है।
गणना कक्ष में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक नया ड्रेस कोड प्रस्तावित किया गया है। टीम ने वकालत की है कि यह ड्रेस ‘डांगी’ की तरह हो जिसमें कोई जेब न लगी हो। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपना मोबाइल और पर्स अंदर नहीं ले जा सकेंगे।
अब पूरी गणना प्रक्रिया सीधे मंदिर अधिकारी या सहायक मंदिर अधिकारी की कड़ी निगरानी में करवाई जाएगी। चली आ रही परंपरा के अनुसार आम श्रद्धालु दान गणना में पहले की तरह शामिल हो सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए नियम कड़े किए गए हैं। वे गणना कक्ष के अंदर पर्स, मोबाइल फोन और बच्चों को बिल्कुल नहीं ले जा सकेंगे। ऐसे बाहरी लोगों का पूरा विवरण रखने के लिए एक अलग रजिस्टर बनाया जाएगा।
दानपात्रों को उठाने, ले जाने, खोलने और पैसा बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया की अनकट निगरानी होगी। नोटों की गड्डियां बनाने और उन्हें बैंक कर्मचारियों को सौंपने तक की लाइव फुटेज सीधे सीसीटीवी रूम से मॉनिटर की जाएगी।
इस मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए सीसीटीवी कंट्रोल रूम में विशेष कर्मचारियों की तैनाती की मांग उठी है। कोई भी संदिग्ध गड़बड़ी नजर आने पर ये कर्मचारी तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित करेंगे।
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