मसूरी, 12 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Crime : मसूरी के एक होमस्टे में 15 जून 2026 को 27 वर्षीय राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में देहरादून पुलिस ने उसके फरार पति श्रीचरण को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के साथ-साथ दहेज हत्या से जुड़ी बीएनएस की धाराएं भी शामिल कर दी हैं।
इस घटना की तुलना मेघालय के शिलांग में हुए उस कांड से हो रही है जहां सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवा दी थी। मसूरी के इस मामले में भूमिका उलट है और पति पर पत्नी को जान से मारने का सीधा आरोप है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी श्रीचरण मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम का रहने वाला है। वह वर्तमान में दिल्ली के किदवई नगर इलाके में निवास कर रहा था।
शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कपल दिल्ली से ऋषिकेश गया था। 14 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे दोनों मसूरी के इस होमस्टे में पहुंचे थे।
पुलिस पूछताछ में श्रीचरण ने बयान दिया कि वे दोनों सुबह करीब 3:30 बजे सोए थे। उसने दावा किया कि जब वह अगली सुबह उठा तो उसने अपनी पत्नी गायत्री की नाक से खून बहता हुआ देखा।
गायत्री की मौत के ठीक पांच दिन बाद उसके पिता सुधाकर ने पुलिस में लिखित शिकायत दी। सुधाकर ने सीधे तौर पर श्रीचरण पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया।
सर्कल ऑफिसर जगदीश चंद्र पंत ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस ने पहले हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी जिसे बाद में दहेज हत्या से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में बदला गया।
केस दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपी श्रीचरण फरार हो गया था। पुलिस टीम ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
आरोपी और उसके ससुराल वालों से लिए गए बयानों से दहेज की मांग का मुद्दा सामने आया है। पुलिस अभी मौत के सटीक कारण और अपराध को अंजाम देने के तरीके की जांच कर रही है।
एफआईआर में गायत्री के माता-पिता ने साफ किया है कि उन्हें मसूरी ट्रिप की कोई जानकारी नहीं थी। बेटी ने उन्हें बताया था कि वे ऋषिकेश और हरिद्वार घूमकर 15 जून तक वापस दिल्ली लौट आएंगे।
शिकायत में गायत्री की मौत के हालात को पूरी तरह संदेहास्पद बताया गया है। श्रीचरण का व्यवहार अपनी पत्नी के प्रति पहले से ही परेशान करने वाला रहा था।
पिता का दावा है कि यह एक बेरहमी से की गई हत्या है। गायत्री ने फोन कर परिवार को पति के क्रूर व्यवहार और शक करने की आदत के बारे में जानकारी दी थी।
गायत्री ने अपने परिवार को यह भी बताया था कि श्रीचरण ने उसके बैग में एक ट्रैकिंग डिवाइस छिपा रखा है। उसने भरोसा दिया था कि विशाखापत्तनम पहुंचने पर वह इस पूरे विवाद के बारे में विस्तार से बात करेगी।
घटना के दिन पुलिस ने श्रीचरण के ब्लड सैंपल नहीं लिए थे जिस पर पिता ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने होटल के कमरे की पूरी फोरेंसिक जांच करने की मांग रखी है।
परिवार ने घटना से पहले के 48 घंटों में हुए सभी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच करने को भी कहा है। पिता का आरोप है कि श्रीचरण ने गायत्री को लो ब्लड प्रेशर की समस्या बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
एफआईआर में मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया गया है। इन रिपोर्ट्स में आशंका जताई गई है कि बीयर में कोई दवा मिलाने के कारण महिला की मौत हुई होगी।
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