बागेश्वर, 19 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Bageshwar Murder : बागेश्वर जिले के अटल आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला में शनिवार सुबह हत्या की गंभीर वारदात हुई। प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा को सरेराह चाकू से गोद दिया गया। हमलावर नवल किशोर सोराड़ी है। वह उसी स्कूल में प्रशासनिक अधिकारी (क्लर्क) के पद पर तैनात है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है।
झिरौली थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में फरवरी 2026 से वेतन रुकने का विवाद हत्या की वजह बताया गया है। दयानंद टम्टा बागेश्वर के सैंज इलाके के रहने वाले थे। उनकी उम्र 56 साल थी। शनिवार सुबह साढ़े सात बजे वह रोज की तरह घर से विद्यालय जाने के लिए पैदल निकले थे।
रास्ते में क्लर्क नवल किशोर सोराड़ी पहले से मौजूद था। उसने दयानंद टम्टा पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। लहूलुहान अवस्था में स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद प्रधानाचार्य को मृत घोषित कर दिया।
सीओ कपकोट मनीष शर्मा ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। मृतक के भाई गोकुल चंद्र ने पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी है। इसी तहरीर के आधार पर आरोपी क्लर्क के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
सुबह साढ़े सात बजे वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी मौके से फरार हो गया था। काफी देर तक पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं पाई। स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया। मृतक के बेटे ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर जिला अस्पताल के पास सड़क पर जाम लगा दिया।
राइंका भटखोला की इस घटना से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवार और क्षेत्रवासी आरोपी को फांसी देने की मांग पर अड़ गए। दिनभर धरना प्रदर्शन चलता रहा। देर शाम तक लोग अस्पताल के सामने धरने पर बैठे रहे। प्रशासनिक अमले में तनाव दिखा। एसडीएम प्रियंका रानी और सीओ अजय लाल साह स्थिति को नियंत्रण में करने मौके पर पहुंचे।
अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने इस हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राठी और महामंत्री सुरेश चंद्र ने प्रभारी प्रधानाचार्य की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया।
शनिवार को शिक्षा विभाग से जुड़ा एक और अपडेट सामने आया। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा महानिदेशालय में एक अहम समीक्षा बैठक की। यह बैठक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और जिला प्रशिक्षण संस्थानों के कामकाज पर आधारित थी।
उत्तराखंड में अब सभी सरकारी शिक्षकों के लिए मेंटल हेल्थ का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में तनाव के संकेतों की आसानी से पहचान करना है। छात्रों की मानसिक सेहत से जुड़ी दिक्कतों को समय रहते दूर करने की रूपरेखा तैयार की गई है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।









