देहरादून, 31 मई (दून हॉराइज़न)। कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस दौरे पर तंज कसते हुए इसे कांग्रेस के बजाय अपने लिए फायदेमंद करार दिया है। भाजपा का दावा है कि देवभूमि की जनता उन नेताओं को कभी स्वीकार नहीं करेगी, जिन पर सेना और सनातन धर्म के अपमान का आरोप है।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस आलाकमान पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के आगमन से खुश हो सकते हैं, लेकिन राज्य की प्रबुद्ध जनता सच्चाई जानती है। भट्ट ने सुझाव दिया कि कांग्रेस को इस दौरे पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि राज्य में पार्टी को अपने अस्तित्व के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
सेना के शौर्य और राष्ट्रवाद पर घेराव
उत्तराखंड को एक सैन्य बहुल राज्य बताते हुए महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस की पुरानी बयानबाजी की याद दिलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सेना के अभियानों को ‘खून की दलाली’ कहते हैं और सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं।
भट्ट ने स्पष्ट किया कि जिस राज्य के युवाओं ने पीढ़ियों से देश के लिए शहादत दी है, वहां के लोग ऐसे विचारों का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने दावा किया कि राज्य की देशभक्त जनता ऐसे लोगों को सिरे से नकार देगी।
तुष्टिकरण और सनातन के मुद्दे पर वार
राम मंदिर और धर्म आधारित आरक्षण के मुद्दे पर भी भाजपा ने कांग्रेस को घेरा। महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड से सनातन संस्कृति का संदेश पूरी दुनिया में जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को राम मंदिर निर्माण की खुशी के बजाय बाबरी ढांचे के न होने का दुख ज्यादा है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में धर्म के आधार पर दिए जा रहे आरक्षण को तुष्टिकरण की पराकाष्ठा बताया।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान द्वारा जारी बयान के अनुसार, पार्टी पूरी तरह से आश्वस्त है कि इस दौरे से राज्य के सियासी समीकरण कांग्रेस के पक्ष में नहीं बदलने वाले। भाजपा नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी का उत्तराखंड आना अंततः सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक हित में ही काम करेगा।









