---Advertisement---

BKTC RTI Revelation : भगवान के खजाने से VIP की खातिरदारी! BKTC पर RTI में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

---Advertisement---

देहरादून, 23 मई (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के चारधामों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के उपयोग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक ताजा आरटीआई (BKTC RTI Revelation) रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया गया है कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इस पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक नेताओं, वीआईपी और उनके करीबियों की सुख-सुविधाओं पर किया है।

सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। नेगी का आरोप है कि बीकेटीसी ने पिछले यात्रा सीजन के दौरान कई अनाधिकृत लोगों के आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर सफर का खर्च मंदिर के खजाने से उठाया। यह पूरा खर्च लाखों रुपये में है।

इन वीआईपी मेहमानों के भरे गए बिल

आरटीआई दस्तावेजों के आधार पर जो सूची सामने आई है, उसमें कई नाम शामिल हैं। नेगी के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी के 2025 में केदारनाथ कपाट खुलने के दौरान दो दिन (30 अप्रैल और 1 मई) के ठहरने और खाने का 60 हजार रुपये का बिल बीकेटीसी ने चुकाया।

इसी तरह, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के लिए 37,500 रुपये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी के लिए 22,000 रुपये का खर्च दिखाया गया है। आरएसएस पदाधिकारी प्रकाश व निरंजन के लिए 20,000 रुपये का बिल मंदिर समिति द्वारा भरा गया।

रुद्रप्रयाग के भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट व अन्य कार्यकर्ताओं के आवास पर 24 हजार रुपये खर्च हुए। वहीं, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के नाम पर 23 हजार रुपये के आवास का भुगतान किया गया।

हेलीकॉप्टर के टिकटों का भी हुआ भुगतान

अधिवक्ता नेगी का कहना है कि सिर्फ आवास और भोजन ही नहीं, बल्कि हेलीकॉप्टर के टिकट भी मंदिर कोष से बुक कराए गए। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी के ‘अतिथि’ बताकर कई लोगों पर लाखों रुपये खर्च किए गए। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के करीबियों के हवाई सफर का भुगतान भी इसी फंड से किए जाने का दावा है।

उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

बीकेटीसी के इस वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए नेगी ने राज्य सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र हैं और यहां किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

विकेश सिंह नेगी इससे पहले भी बीकेटीसी से जुड़े विवादित मामले सामने ला चुके हैं। हाल ही में उन्होंने आरोप लगाया था कि बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण ने अपनी पत्नी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताकर 12 हजार रुपये और रुद्रप्रयाग स्थित अपने घर को कार्यालय दिखाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान लिया। इसके अलावा मंदिर फंड से केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों को 11 लाख रुपये बांटने का मामला भी उन्होंने ही उजागर किया था।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment