चमोली, 23 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Chamoli Minor Rape Case : उत्तराखंड के पहाड़ी जिले चमोली से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। थराली थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। मामले की भनक परिजनों को तब लगी जब पीड़िता को डॉक्टर के पास ले जाया गया।
22 जुलाई को पीड़िता के पिता अपनी बेटी को लेकर थराली पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी पिछले कुछ दिनों से पेट में तेज दर्द की शिकायत कर रही थी। शुरुआती घरेलू इलाज से राहत न मिलने पर वे उसे नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर के पास ले गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जब स्थिति को संदिग्ध माना तो उन्होंने पीड़िता का अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट कराए। मेडिकल रिपोर्ट सामने आते ही परिजन और डॉक्टर दोनों सन्न रह गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि नाबालिग लड़की 26 सप्ताह यानी करीब छह महीने से अधिक की गर्भवती है।
मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद परिजनों ने पीड़िता से पूरी बात पूछी। डरी-सहमी नाबालिग ने बताया कि उनके ही पास के गांव का रहने वाला एक युवक बीते कुछ समय से उसके साथ जबरदस्ती कर रहा था। आरोपी ने पीड़िता को सख्त हिदायत दी थी कि अगर उसने इस बारे में घर या बाहर किसी को भी कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा।
इसी डर की वजह से पीड़िता कई महीनों तक चुप रही और उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी की जानकारी किसी को नहीं दी। लेकिन शारीरिक बदलाव और पेट में लगातार बढ़ते दर्द के कारण सच छिपा नहीं रह सका। घटना का खुलासा होते ही पीड़िता के पिता ने थराली थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्थानीय पुलिस को बिना किसी देरी के आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर उसे तत्काल गिरफ्तार करने के कड़े निर्देश जारी किए।
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने पुलिस टीम को स्पष्ट निर्देश दिए कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले किसी भी तरह के अपराध में रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थराली पुलिस को पूरे मामले में त्वरित जांच पूरी कर कड़ी से कड़ी कानूनी धाराएं लगाने के आदेश दिए।
एसपी के आदेश मिलते ही थराली थाना पुलिस ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को उसके ठिकाने से धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(1) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 5(j)/6 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की और आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे जिला जेल पुरसाड़ी पहुंचा दिया।
फिलहाल थराली पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और केस से जुड़े सभी कानूनी व मेडिकल साक्ष्यों को मजबूती से कोर्ट के सामने रखने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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