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CM Dhami on Namaz : उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक! सीएम धामी ने प्रशासन को दिए कड़े निर्देश

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देहरादून, 23 मई (दून हॉराइज़न)। देवभूमि उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज पढ़ने और सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार ने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी चेतावनी दी है कि धार्मिक गतिविधियां केवल मस्जिद, ईदगाह और निर्धारित स्थानों पर ही होनी चाहिए। आम जनता की आवाजाही को बाधित कर सड़कों को बंधक बनाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हालिया नमाज विवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर बैठकर लोगों की परेशानी बढ़ाना और अराजकता फैलाना सरकार को किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।

सीएम धामी ने इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के बयानों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देवभूमि में तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं और सड़क पर धार्मिक आयोजनों की पैरवी कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। सरकार की नीति इस मामले में एकदम स्पष्ट और सख्त है।

उन्होंने याद दिलाया कि वर्तमान में प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का शांत, सुरक्षित और अनुशासित माहौल बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। देवभूमि की संस्कृति के साथ खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।

देहरादून में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त करने की सरकार की नीति के तहत देहरादून नगर निगम ने भी जमीनी स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को शहर के कई अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।

धोरण खास इलाके के खसरा संख्या 463 में नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से लगाए गए बोर्ड, बाउंड्री वॉल और प्लाटिंग को निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि अब पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त है। इसके अलावा हरभजवाला क्षेत्र में नगर निगम के स्वामित्व वाली जमीन पर रातों-रात बनाई गई अवैध सड़क को भी तोड़ दिया गया।

रायपुर तपोवन रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। वहीं, एटीएस कॉलोनी में सरकारी जमीन को सुरक्षित करने के लिए बाउंड्री वॉल बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में भूमाफिया दोबारा कब्जा न कर सकें। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण सीधा अपराध माना जाएगा।

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