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Dehradun Crime : जमानत पर बाहर आते ही फिर स्मैक बेचने लगा शातिर अपराधी, दून पुलिस ने धर दबोचा

देहरादून, 9 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Crime : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए दिए गए सख्त निर्देशों के बाद दून पुलिस लगातार एक्शन में नजर आ रही है। जिले भर में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत पुलिस ने डोईवाला और विकासनगर क्षेत्र से दो स्मैक तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों के पास से 18.32 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों में से एक पुराना शातिर अपराधी है, जो हाल ही में जमानत पर बाहर आया था।

पहली कार्रवाई डोईवाला पुलिस की टीम ने अंजाम दी। 8 अगस्त 2026 को डोईवाला पुलिस पुरानी घमंडपुर रोड जॉली ग्रांट के पास रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति स्मैक लेकर घूम रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए शेखर पुत्र कैलाशनाथ को दबोच लिया। 28 वर्षीय शेखर डोईवाला की सपेरा बस्ती का रहने वाला है। तलाशी लेने पर उसके पास से 6.46 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 02 लाख रुपये है।

डोईवाला पुलिस ने आरोपी शेखर के खिलाफ धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 233/26 दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि शेखर यह माल कहां से लाया था और किसे सप्लाई करने जा रहा था।

दूसरी बड़ी कामयाबी विकासनगर पुलिस को 8 अगस्त 2026 की शाम को मिली। पुलिस टीम टोंस कॉलोनी सेकेंड क्लब के पीछे स्थित रोड पर गश्त कर रही थी, तभी वहां संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को रोका गया।

युवक की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 11.86 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। बाजार में इस बरामद स्मैक की कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े गए आरोपी की पहचान आसिफ पुत्र इमरान (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो विशाल कॉलोनी डाकपत्थर, थाना विकासनगर का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आसिफ एक बेहद शातिर और अभ्यस्त नशा तस्कर है। ताज्जुब की बात यह है कि साल 2026 में ही यह तीसरी बार है जब आसिफ मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।

आसिफ का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह साल 2019 में लूट के मुकदमे (मु0अ0सं0- 189/2019) और साल 2023 में आर्म्स एक्ट (मु0अ0सं0- 425/2023) में भी जेल की हवा खा चुका है।

इसके अलावा विकासनगर कोतवाली में ही आरोपी के खिलाफ साल 2021, 2022 और वर्ष 2026 में मुकदमा संख्या 111/2026, 139/2026 और ताजा मामला 238/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए इस तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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