देहरादून, 28 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून के सेवलाकलां क्षेत्र स्थित एक अशासकीय स्कूल में छात्रों के तिलक लगाकर आने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों ने तिलक लगाकर आए कुछ छात्रों के माथे से उसे साफ करवा दिया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ता स्कूल परिसर पहुंच गए और सनातन परंपरा के अपमान का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि अब सक्रिय हो गए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार का बताया जा रहा है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद इस मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
बजरंग दल और स्कूल प्रबंधन के अपने-अपने दावे
बजरंग दल के पदाधिकारियों का तर्क है कि तिलक लगाना सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था का हिस्सा है। किसी भी छात्र को इससे रोकना या जबरन तिलक मिटवाना सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। संगठन ने शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले की जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इसके विपरीत, स्कूल प्रबंधन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय को बदनाम करने और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ लोग जानबूझकर इस मामले को हवा दे रहे हैं। इसे स्कूल के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश बताया जा रहा है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और आगामी बैठक
मामले को बढ़ता देख स्थानीय प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया है। नगर निगम पार्षद पुष्कर चौहान ने बताया कि स्थिति को सामान्य करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए गुरुवार सुबह एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देहरादून के जिलाधिकारी (DM), मेयर, स्थानीय विधायक और स्कूल प्रबंधन के पदाधिकारी शामिल हुए, जहां पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षा विभाग का रुख
इधर, शिक्षा विभाग इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंढियाल ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अभी तक आधिकारिक रूप से उनके सामने नहीं आया है। विभाग को जैसे ही इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त होगी, नियमों के तहत पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।









