देहरादून, 12 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun News : उत्तराखंड विधानसभा और सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से सात लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने थाना रायपुर में आरोपी मोहम्मद आरिफ और उसकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सहस्त्रधारा रोड निवासी मुकेश कुमार की मुलाकात सचिवालय के सामने मोहम्मद आरिफ से हुई थी। आरिफ ने खुद को सरकारी कर्मचारी बताया। उसने दावा किया कि वह सचिवालय और विधानसभा की एक निदेशक का चालक है।
दोनों की बातचीत लगातार होती रही। आरिफ ने मुकेश को बताया कि निदेशक के पीए के सेवानिवृत्त होने से पद खाली हो रहा है। उसने इस पद पर नियुक्ति कराने का सीधा भरोसा दिया।
नौकरी लगवाने के नाम पर आरिफ ने 6 लाख रुपये नकद लिए। उसने मुकेश से शैक्षणिक दस्तावेजों की हस्ताक्षरित प्रतियां और फोटो भी लिए। 6 जनवरी 2026 को ज्वॉइनिंग कराने की तारीख तय की गई। 5 जनवरी के बाद आरिफ ने मुकेश का फोन उठाना पूरी तरह बंद कर दिया।
पीड़ित ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई। पता चला कि आरिफ अपनी पत्नी से फोन पर बात करवाता था। पत्नी खुद को कथित तौर पर संबंधित अधिकारी बताती थी और पीड़ित को विश्वास में लेती थी।
विधानसभा में नई नियुक्ति के नाम पर एक कथित ‘फंक्शन’ की कहानी रची गई। अनुराग नाम के व्यक्ति के माध्यम से 1,38,660 रुपये अतिरिक्त लिए गए। बताया गया कि विधानसभा में जिसकी नई ज्वॉइनिंग होती है, वह अपनी तरफ से पार्टी देता है।
आरिफ ने दावा किया था कि इस फंक्शन में सचिव और मंत्री जैसे बड़े पदाधिकारी शामिल होते हैं। इससे नए कर्मचारी की पहचान बनती है। अनुराग की विधानसभा में कैंटीन होने की बात कहकर उसी से व्यवस्था कराने का झांसा दिया गया। यह राशि बाद में वापस होने का दावा किया गया था।
इस तरह कुल सात लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। पीड़ित मुकेश कुमार के पास आरोपियों से हुई फोन पर बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है।
प्रेमनगर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित मुकेश कुमार की शिकायत पर आरोपी मोहम्मद आरिफ और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की बारीकी से जांच चल रही है। जांच के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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