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Dehradun Samadhan Diwas : जमीनी विवादों के लिए देहरादून में बनेगा हाई-लेवल सेल, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

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देहरादून, 01 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून जिले में आम जनता की शिकायतों की सुनवाई और उनके निस्तारण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब हर सोमवार को आयोजित होने वाले पारंपरिक जनता दरबार को ‘समाधान दिवस’ के रूप में जाना जाएगा।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए निर्देश दिए हैं कि जनता से मिलने वाली हर एक शिकायत को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाए। इससे शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और समय पर उनका निस्तारण आसान हो सकेगा।

ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित इस पहले समाधान दिवस में कुल 132 शिकायतें सामने आईं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले जमीन से जुड़े विवादों के थे। इसके अलावा लोगों ने लोन माफी, आर्थिक मदद, सड़कों की मरम्मत और सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण जैसी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

जमीन विवादों के लिए बनेगा स्पेशल सेल

जनता दरबार में जमीन से जुड़ी शिकायतों की बड़ी संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर एक उच्च स्तरीय विशेष सेल (High-Level Cell) बनाने का फैसला लिया है। यह सेल भूमि सीमांकन, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, किरायेदार और मकान मालिक के विवादों के साथ-साथ राजस्व से जुड़े मामलों को फास्ट ट्रैक मोड में सुलझाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए निर्देश

पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में अभी पक्की सड़क नहीं है, वहां की गर्भवती महिलाओं का पूरा डेटा तैयार कर उनकी ट्रैकिंग की जाए।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (जोखिम वाली गर्भावस्था) के मामलों में महिलाओं को प्रसव की तारीख से पहले ही सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। साथ ही जिला अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था शुरू करने को कहा गया है।

बुजुर्गों और आम लोगों की शिकायतों पर तुरंत एक्शन

समाधान दिवस के दौरान कई गंभीर व्यक्तिगत मामले भी सामने आए जिन पर तुरंत फैसले लिए गए:

  • किरायेदार विवाद: 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम की शिकायत पर, जिसमें किरायेदार द्वारा घर खाली न करने और धमकी देने की बात कही गई थी, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को खुद जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
  • अवैध कब्जा: बुजुर्ग भरत भूषण मित्तल की निजी जमीन पर कब्जे की शिकायत पर एसडीएम सदर को मौके पर कार्रवाई के लिए कहा गया।
  • अतिक्रमण और फसलों का मुआवजा: कुंजा ग्रांट में सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम विकासनगर को जिम्मेदारी दी गई। वहीं विशलाड़, अठगांव और तपलाड़ जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की जांच कर उद्यान विभाग को पीएम फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए।
  • स्कूली फीस की समस्या: डालनवाला की रहने वाली मुस्कान ने आर्थिक तंगी के कारण बच्चे की स्कूल फीस न दे पाने और स्कूल द्वारा सर्टिफिकेट रोके जाने की बात उठाई। इस पर एसडीएम सदर को स्कूल प्रबंधन से बात कर रास्ता निकालने को कहा गया।

जनजातीय क्षेत्रों के लिए नई सुविधाएं

बैठक में चकराता, क्वांसी और लाखामंडल जैसे जनजातीय क्षेत्रों में ‘खुशियों की सवारी’ एंबुलेंस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा देहरादून से डोईवाला, भानियावाला, जौलीग्रांट और थानो मार्ग पर इलेक्ट्रिक या स्मार्ट सिटी बसों के संचालन की संभावनाओं पर भी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं को सुलझाने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करना होगा।

इस मौके पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अर्पणा ढ़ौडियाल, एसडीएम अपूर्वा सिंह और जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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