देहरादून, 15 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा सीट से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को देहरादून की डालनवाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व विधायक पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को राज्य के एक चर्चित और बेहद संवेदनशील हत्याकांड में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, इस हाईप्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने गहन जांच के निर्देश दिए थे। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उगाही से जुड़ी धारा 308(6) बढ़ाई गई। इसके बाद डालनवाला पुलिस टीम ने रविवार, 14 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुरेश राठौर को बिहारगढ़ फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा सुद्धोवाला जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ६६ वर्षीय आरोपी पूर्व विधायक सुरेश राठौर को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और पुलिस के साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया है। सुरेश राठौर हरिद्वार के ज्वालापुर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर (सी-77) के रहने वाले हैं।
जानिए क्या था मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत 5 जनवरी 2026 को हुई थी, जब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने डालनवाला कोतवाली में एक लिखित तहरीर दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने एक्ट्रेस उर्मिला सनावर और कुछ अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश रची।
आरोप के अनुसार, इन लोगों ने आपसी बातचीत की झूठी और मनगढ़ंत ऑडियो और वीडियो तैयार की। इसका मकसद दुष्यंत कुमार गौतम, भारतीय जनता पार्टी और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की छवि को धूमिल करना था। साथ ही इन फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर राज्य की शांति व्यवस्था भंग करने, उपद्रव और दंगे भड़काने का प्रयास किया जा रहा था।
आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में कार्रवाई
दुष्यंत कुमार गौतम की इस तहरीर पर डालनवाला पुलिस ने शुरुआत में 5 जनवरी को ही मुकदमा अपराध संख्या 04/2026 के तहत बीएनएस की धारा 61(2), 336(4), 353(2), 356(3) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) व 66(ई) में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और सह-आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।









