देहरादून, 03 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए चल रही घेराबंदी योजना (Gherbaad Yojana) के तहत राज्य को केंद्र सरकार से 25 करोड़ रुपये की पहली किश्त मिल गई है।
बुधवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जल्द से जल्द किसानों को इसका लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने 1 जून से शुरू हुए देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ को राज्य में एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में सांसदों, मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी तय की जानी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित नेताओं को समय रहते आधिकारिक पत्र भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
सेब बागवानों को जल्द मिलेगी सब्सिडी
सेब बागवानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर रखते हुए कृषि मंत्री ने एप्पल मिशन के तहत मिलने वाली सब्सिडी का भुगतान शीघ्र करने को कहा है। आगामी सीजन को देखते हुए सेब पैकिंग बॉक्स की पर्याप्त उपलब्धता और अन्य तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बागवानों को ऐन मौके पर परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, राज्य भर में पॉलीहाउस निर्माण के काम को भी युद्धस्तर पर चलाने को कहा गया है।
प्राकृतिक और संतुलित खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग अब ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता शिविर लगाएगा। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि घेराबंदी योजना के लिए भारत सरकार ने कुल 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिसमें से पहली किश्त के रूप में 25 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हो गया है।
समीक्षा बैठक में कृषि सचिव एस.एन. पांडेय, कृषि व उद्यान महानिदेशक वंदना सिंह, कृषि निदेशक दिनेश कुमार, उद्यान निदेशक आर.के. सिंह और कैप निदेशक नृपेंद्र चौहान समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









