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GST Raid : फेक बिलिंग का भंडाफोड़, हरिद्वार की कंपनी में 14 करोड़ की टैक्स चोरी; ऐसे हुआ खुलासा

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देहरादून, 5 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। हरिद्वार स्थित एक इलेक्ट्रिकल गुड्स निर्माता कंपनी में राज्य कर विभाग ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी (GST Raid) का पर्दाफाश किया है। सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) की इस छापेमारी में सामने आया है कि फर्म ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में करीब 14 करोड़ रुपये का टैक्स चुराया। कार्रवाई की सख्ती को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने मौके पर ही 12 करोड़ रुपये का बकाया जीएसटी विभाग को जमा करा दिया।

कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर चार जून को सीआईयू की टीम ने फर्म के व्यापारिक ठिकानों पर दबिश दी। दरअसल, पिछले कुछ समय से कंपनी का कारोबार तो लगातार बढ़ रहा था, लेकिन उस अनुपात में सरकार को टैक्स नहीं चुकाया जा रहा था। इसी संदेह के आधार पर विभाग ने डेटा विश्लेषण के जरिए कंपनी की गतिविधियों की निगरानी शुरू की।

फर्जी बिलिंग से लिया जा रहा था आईटीसी का लाभ

अधिकारियों की जांच में पता चला कि फर्म केवल कागजों पर फर्जी बिल तैयार कर रही थी। बिना वास्तविक माल खरीदे या प्राप्त किए ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया जा रहा था।

इस फर्जीवाड़े की पोल खोलने के लिए विभाग ने ई-वे बिल, माल के परिवहन और टोल प्लाजा पर लगे एएनपीआर (ANPR) कैमरों की मदद ली। वाहनों की आवाजाही का मिलान जब कागजी रिकॉर्ड से किया गया, तो पूरी चोरी पकड़ में आ गई।

छापेमारी के दौरान टीम ने व्यापारिक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। फर्म के जिम्मेदारों से पूछताछ और कागजातों की जांच के बाद ही 12 करोड़ रुपये की तत्काल रिकवरी हो सकी। राज्य कर विभाग इसे हाल के समय की एक बड़ी सफलता मान रहा है।

फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे और राज

जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की अब फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि बिलिंग और लेन-देन के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होने पर कर चोरी का वास्तविक आंकड़ा 14 करोड़ रुपये से भी ऊपर जा सकता है।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपायुक्त विनय पाण्डेय, योगेश मिश्रा, निखिलेश श्रीवास्तव, अजय बिसरे, अर्जुन राणा और सहायक आयुक्त के.के. पाण्डेय, योगेश रावत, अविनाश झा, गार्गी बहुगुणा व अभिषेक ठाकुर शामिल रहे। विभाग ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।

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