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हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: देहरादून में कांग्रेस का हल्ला बोल, सीएम आवास कूच पर उतरी भारी भीड़

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दून हॉराइज़न, देहरादून (7 सितंबर): कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने का मामला अब सूबे की सियासत में बड़ा बवंडर बन चुका है। इस घटना के विरोध में आज राजधानी की सड़कें नारों से गूंज उठीं। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बैनर तले परेड ग्राउंड में जुटे हजारों कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया। भीड़ इतनी जबरदस्त थी कि शहर के मुख्य मार्गों पर पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े।

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‘देवभूमि की समरसता पर सीधा प्रहार’

परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बुनियाद सामाजिक सौहार्द और परस्पर भाईचारे पर टिकी है। किसी राजनीतिक दल के आयोजन स्थल को ‘अशुद्ध’ बताकर उसका शुद्धिकरण (Purification Controversy) करना न सिर्फ असंवैधानिक है, बल्कि देवभूमि की मर्यादा को चोट पहुंचाने वाला कदम है। शैलजा ने सवाल दागा कि क्या हुक्मरान समाज को बांटने वाली ताकतों को मूक सहमति दे रहे हैं?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी दो-टूक कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता विचारों की होती है, छुआछूत या वैमनस्य की नहीं।

आर्य ने इसे सीधे तौर पर संविधान के समानता के अधिकार का हनन बताया। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति प्रमुख डॉ. हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

केवल शुद्धिकरण नहीं, जनहित के अन्य मुद्दों पर भी घेराव

प्रदर्शन महज एक घटना तक सीमित नहीं रहा। मंच से वक्ताओं ने प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई संवेदनशील मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार की घेराबंदी की। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।

  • बेरोजगारी और भर्ती धांधली: प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं पर युवाओं का आक्रोश उभारा गया।
  • महिला सुरक्षा व अपराध: अंकिता भंडारी प्रकरण की टीस और हालिया आपराधिक घटनाओं को उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया।
  • किसानों और जमीनों के मुद्दे: भू-कानून, खेती-किसानी की समस्याएं और बेशकीमती जमीनों की अनियंत्रित नीलामी पर तीखे सवाल पूछे गए।

सीडब्ल्यूसी सदस्य करण माहरा और राष्ट्रीय महासचिव गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि असहमति को नफरत में बदलने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक विक्रम सिंह नेगी ने चेतावनी दी कि जब तक इस मामले में जिम्मेदारों की जवाबदेही तय नहीं होती, आंदोलन थमेगा नहीं।

रुड़की के पूर्व मेयर समेत कई नेता कांग्रेस में शामिल

इस हंगामेदार प्रदर्शन के बीच कांग्रेस संगठन ने अपना कुनबा भी बढ़ाया। रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा, हरिद्वार से पूर्व प्रधानाचार्य मनोज कुमार सैनी, यमकेश्वर-कोटद्वार से पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल और पुरोला नगर पालिका के पूर्व अधिशासी अधिकारी भजनलाल आर्य ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनके साथ एडवोकेट सचिन कुमार, रामकुमार वालिया और रविंद्र आनंद भी पार्टी में शामिल हुए।

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सभा का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। कार्यक्रम में धारचूला विधायक हरीश धामी, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदेश, भगवानपुर विधायक ममता राकेश, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा सहित दर्जनों पूर्व विधायक व संगठन के सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारी डटे रहे। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब देहरादून की सड़कों से निकलकर विधानसभा के सदन तक लड़ी जाएगी।

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