हरिद्वार, 14 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Haridwar Gangrape : हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब नौ बजे एक नाबालिग लड़की दरिंदगी का शिकार हुई। छठी कक्षा में पढ़ने वाली यह छात्रा अपने एक परिचित के साथ बाइक पर सवार होकर काठा पीर दरगाह की तरफ जा रही थी। रास्ते में सुनसान खेतों के पास कुछ युवकों ने उनकी बाइक रुकवा ली।
आरोपियों ने सबसे पहले छात्रा के परिचित को निशाना बनाया। उसके साथ जमकर मारपीट की गई। हमलावर युवकों ने परिचित को डरा-धमकाकर वहां से भगा दिया। आरोपी युवक अकेली बची बच्ची को जबरन खींचकर पास के खेतों में ले गए। वहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया।
खेत में दरिंदगी के बाद रातभर बच्ची दर्द से छटपटाती रही। मौका पाकर वह किसी तरह दरिंदों के चंगुल से भागी। जान बचाकर भागती हुई वह पास ही स्थित एक घर में छिप गई। उस घर में मौजूद एक महिला ने बच्ची की हालत देखकर उसकी मदद की।
लक्सर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली इस छात्रा के परिजन रातभर परेशान रहे। वे लक्सर पुलिस को साथ लेकर पूरी रात उसकी तलाश करते रहे। सुबह के वक्त बच्ची अपने परिवार वालों तक पहुंची। उसने रात की पूरी घटना परिजनों को बताई।
परिजन बिना देरी किए पीड़िता को लेकर पथरी थाने पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आठ अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सोमवार को पुलिस ने पीड़िता के आधिकारिक बयान भी दर्ज किए हैं। एसओ पथरी रविंद्र कुमार ने कहा कि आरोपियों की सरगर्मी से तलाश चल रही है।
पुलिस अब इलाके के नशेड़ियों का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही है। पीड़िता ने पुलिस पूछताछ में एक आरोपी की पहचान बता दी है। पुलिस इस सुराग के आधार पर आगे बढ़ रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहे हैं। पुलिस उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।
काठा पीर दरगाह जाने वाले इस रास्ते पर शिवगढ़, फुलगढ़, दुर्गागढ़ और गोविंदगढ़ जैसे गांव पड़ते हैं। रास्ते के दोनों तरफ मौजूद खेतों में नशेड़ी युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। राहगीरों के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी की घटनाएं इस इलाके में अक्सर होती हैं।
इन ‘गढ़’ गांवों में नशे का अवैध कारोबार काफी समय से हावी है। ग्राम प्रधान चुनाव के वक्त यहां जहरीली शराब पीने से दर्जनों ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने नशे के इस कारोबार को बंद कराने के लिए कई बार प्रदर्शन किए थे। जमीनी स्तर पर नशे का यह नेटवर्क आज तक खत्म नहीं हो सका। पुलिस की कई टीमें अब संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।









