दून हॉराइज़न, हरिद्वार (14 सितंबर): हरिद्वार स्थित रोशनाबाद जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक (Jail Superintendent) को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर खुली धमकी मिलने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
जेल में बंद एक महिला कैदी को गैर-कानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दबाव बनाते हुए कॉलर ने वरिष्ठ अधीक्षक को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। गिरोह का खौफ दिखाकर जेल प्रशासन पर दबाव बनाने की इस दुस्साहसिक कोशिश के बाद सिडकुल थाने में तत्काल मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
व्हाट्सऐप मैसेज और लगातार कॉल से बनाया दबाव
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य के अनुसार, 11 सितंबर से उनके सरकारी मोबाइल पर लगातार अनजान नंबर से संपर्क साधा जा रहा था। फोन न उठाने पर व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर खुद को पंजाब से संचालित लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) का सदस्य बताया गया। इसके बाद 12 सितंबर को भी आरोपी ने कई बार फोन घनघनाए। हद तो तब हो गई जब रविवार सुबह ठीक 10:12 बजे आरोपी ने दोबारा कॉल कर जेल प्रशासन को सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कही।
धमकी देने वाले का स्पष्ट कहना था कि जेल में बंद शीला नामक महिला कैदी को मोबाइल फोन के इस्तेमाल सहित तमाम गैर-कानूनी सहूलियतें दी जाएं। बात न मानने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जान से मारने की बात कही गई।
ऑडियो सुनते ही महिला बंदी ने पहचाना, निकला हिस्ट्रीशीटर पति
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की। धमकी देने वाला लगातार शीला से मिलने आने की बात दोहरा रहा था, जिसके बाद जेल अधिकारियों ने कॉलर की आवाज रिकॉर्ड कर महिला बंदी शीला को सुनवाई। शीला ने एक झटके में पहचान लिया कि फोन करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका पति हिमांशु चड्ढा है, जो ऋषिकेश का रहने वाला है।
पुलिस जांच में सामने आया कि हिमांशु चड्ढा खुद शातिर अपराधी है। वह इससे पहले देहरादून जिला कारागार और उधम सिंह नगर की केंद्रीय कारागार सितारगंज में लंबे समय तक सलाखों के पीछे रह चुका है। वहीं उसकी पत्नी शीला पर भी हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में धोखाधड़ी और एनडीपीएस से जुड़े कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से जेल में बंद है।
सिडकुल थाने में केस, सर्विलांस पर लगी टीमें
वरिष्ठ जेल अधीक्षक की लिखित तहरीर मिलते ही सिडकुल थाना पुलिस ने आरोपी हिमांशु चड्ढा के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर साइबर सेल और सर्विलांस टीम को आरोपी के मोबाइल नंबर और लोकेशन ट्रेस करने में लगाया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ने जेल प्रशासन में दहशत फैलाने के लिए बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल किया। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि क्या आरोपी का वास्तव में अंतरराज्यीय गिरोहों से कोई संपर्क है या फिर यह जेल अधिकारियों पर दबाव बनाने का पैंतरा था।









