देहरादून, 06 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून में सड़कों की बदहाली और बिजली लाइनों को भूमिगत करने के नाम पर हो रही देरी को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कर दिया है कि यूपीसीएल और पिटकुल द्वारा पूर्व में शुरू किए गए कार्यों को जब तक मानकों के अनुसार पूरा नहीं किया जाता, तब तक किसी भी नई परियोजना को हरी झंडी नहीं मिलेगी।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि खुदाई के बाद सड़कों को दुरुस्त करने में देरी और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
संसाधन बढ़ाएं और डबल शिफ्ट में करें काम
परियोजना समन्वय समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो कार्य वर्तमान में चल रहे हैं, उनमें पर्याप्त मशीनरी और मैनपावर लगाई जाए। उन्होंने कार्य की गति बढ़ाने के लिए डबल शिफ्ट (दिन और रात) में काम करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि सड़कों की खुदाई के कारण आम जनता को लंबे समय तक असुविधा न हो। जिन क्षेत्रों में कार्य पूरा हो चुका है, वहां लोक निर्माण विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर तत्काल ब्लैकटॉप (डामरीकरण) सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यूपीसीएल के कार्यों की वर्तमान स्थिति
बैठक में यूपीसीएल के विभिन्न लॉट के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई:
- लॉट-1: रायपुर कर्जन रोड (एमडीडीए कॉलोनी तक), कैनाल रोड (साकेत कॉलोनी तक) और धर्मपुर-आराघर क्षेत्र में कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने परेड ग्राउंड और रायपुर रोड के दो नए प्रस्तावों को पुराने कार्यों की पूर्णता से जोड़ दिया है।
- लॉट-2: कांवली रोड और सहारनपुर रोड पर कार्य जारी है। वहीं, निरंजनपुर मंडी, बल्लूपुर और यमुना कॉलोनी से जुड़े नए प्रस्तावों पर फिलहाल कड़ी शर्तें लागू की गई हैं।
- लॉट-3: जोगीवाला से ट्यूलिप फार्म तक के कार्य को सशर्त मंजूरी दी गई है, जबकि पिटकुल के प्रस्तावों पर तकनीकी रिपोर्ट न होने के कारण चर्चा टल गई।
सुरक्षा मानकों पर जीरो टॉलरेंस
प्रशासन ने खुदाई स्थलों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड को अनिवार्य कर दिया है। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि यदि रात में खुदाई की जाती है, तो सुबह तक उस गड्ढे को सुरक्षित तरीके से भरना अनिवार्य होगा। मानकों से अधिक रोड कटिंग या अधूरी खुदाई छोड़ने पर अब सीधे जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि और विद्युत विभागों के वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे, जिन्हें कार्यस्थल पर निरंतर सुपरविजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।









