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Kanwar Yatra 2026 : दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे पर शिवभक्तों के वाहनों की एंट्री बैन, देहरादून में प्रवेश पूरी तरह वर्जित

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देहरादून, 27 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Kanwar Yatra 2026 : कांवड़ मेले का नया रूट प्लान सख्ती से जमीन पर उतार दिया गया है। दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे और दून-पांवटा हाईवे का इस्तेमाल कांवड़ वाहन नहीं कर पाएंगे। देहरादून शहर की सीमा में इन वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने कई दौर की वार्ता के बाद यह संयुक्त रणनीति तैयार की है। सीमावर्ती राज्यों की पुलिस को इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी ने अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय बैठक के निर्णयों को स्पष्ट किया। दिल्ली से आने वाले कांवड़ियों को दिल्ली एंट्री प्वाइंट पर ही रोक दिया जाएगा। नए एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने से पहले ही दिल्ली पुलिस इन वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेज देगी।

हिमाचल प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों के लिए भी नया रास्ता तय है। पांवटा साहिब से उत्तराखंड की तरफ बढ़ने वाले वाहनों को हिमाचल की सीमा पर ही बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ेगा। यहां से पूरा ट्रैफिक सीधे सहारनपुर मार्ग की ओर मोड़ दिया जाएगा।

डायवर्ट किए गए सभी वाहन सहारनपुर होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे। किसी भी स्थिति में इन वाहनों को देहरादून शहर के भीतर से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी। भारी वाहनों के शहर में घुसने से लगने वाले जाम को रोकने के लिए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।

आधिकारिक तौर पर कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होनी है। धर्मनगरी हरिद्वार में अभी से पैर रखने की जगह नहीं है। तय कार्यक्रम से पहले ही शिवभक्तों के जत्थे गंगाजल भरने के लिए हर की पैड़ी पहुंच रहे हैं।

जिला और मेला प्रशासन ने अपने मोर्चे संभाल लिए हैं। यात्रा मार्गों पर बैरिकेडिंग, पेयजल और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है। भीड़ का दबाव हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहा है।

रविवार को हर की पैड़ी और आसपास के तमाम गंगा घाटों पर शिवभक्तों का सैलाब नजर आया। सुबह तड़के से शुरू हुआ गंगा स्नान का सिलसिला देर शाम तक थमा नहीं। देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से अपने पात्रों में गंगाजल भरा।

पूरा हर की पैड़ी क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल-बम के उद्घोष से गूंज रहा है। श्रद्धालु अपनी कांवड़ उठाकर पैदल ही अपने गंतव्य राज्यों की ओर निकल पड़े हैं।

दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग की तस्वीर भी बदल चुकी है। आम दिनों के मुकाबले इस हाईवे पर कांवड़ियों की भारी आमद दर्ज की जा रही है। जगह-जगह पैदल कांवड़ियों के लंबे जत्थे हाईवे से गुजर रहे हैं।

भीषण गर्मी और लंबी दूरी के कारण श्रद्धालु हाईवे के किनारे विश्राम कर रहे हैं। कई समूहों ने अपनी कांवड़ सुरक्षित स्थानों पर रखकर भोजन की व्यवस्था की है। प्रमुख चौराहों और घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

शनिवार को हरिद्वार यातायात पुलिस ने ट्रैफिक वॉलंटियर्स को मैदान में उतारा। एसपी यातायात निशा यादव और डीएसपी विपेंद्र सिंह ने इन वॉलंटियर्स के साथ सीधी बैठक की। पिछले साल के कांवड़ मेले में सामने आई कमियों पर अधिकारियों ने समीक्षा की।

अधिकारियों ने वॉलंटियर्स को यातायात प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। पुलिस और वॉलंटियर्स के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराना इस बैठक का मुख्य एजेंडा रहा।

हरिद्वार में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कमान कस ली है। उनके निर्देश पर शनिवार को ही एसएसबी और अर्द्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने श्यामपुर क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया।

भारी पुलिस बल ने इलाके में प्रभावी प्रदर्शन कर कानून व्यवस्था का जायजा लिया। संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर सुरक्षा बलों ने मार्च किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जवानों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी और कनखल पुलिस ने एक साथ फ्लैग मार्च निकाला। जवानों की टुकड़ियां शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर मुस्तैद कर दी गई हैं।

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