हरिद्वार, 22 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Kanwar Yatra 2026 : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के मकसद से 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। मंगलवार को अलकनंदा होटल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन योजनाओं की आधिकारिक शुरुआत की गई। यह पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
शिलान्यास की गई योजनाओं में 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना शामिल है, जिसका भूमि पूजन संपन्न हुआ। हरकी पैड़ी और सुभाष घाट के जीर्णोद्धार पर 66.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हरकी पैड़ी के उत्तरी क्षेत्र में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए 66.34 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों के लिए 58.84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
इन प्रोजेक्ट्स को महाकुंभ-2027 और हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निवासियों को भी इन बुनियादी सुविधाओं का सीधा फायदा पहुंचेगा। महाकुंभ-2027 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शासन स्तर पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस बार कांवड़ मेले में दुकान या स्टॉल लगाने वाले सभी व्यापारियों के लिए पंजीकरण कराना और वैध प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के दुकान चलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और पहचान छिपाकर या नाम बदलकर दुकान चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमों को तैनात किया जा रहा है। कांवड़ियों से भी यात्रा के दौरान तय किए गए सरकारी नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में सांस्कृतिक स्थलों के पुनरुद्धार का काम चल रहा है। इसी कड़ी के तहत राज्य में केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी योजनाओं का ड्राफ्ट तैयार कर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इन योजनाओं से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने क्षेत्र में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की है। धामी ने दोहराया कि सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।









