देहरादून, 04 जून (दून हॉराइज़न)। मानसून की दस्तक से पहले उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की गति तेज कर दी है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को मसूरी विधानसभा के कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए देहरादून के जिलाधिकारी को 15 दिन के अंदर सारा मलबा हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में जमा मलबे को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मलबा हटाना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य में नुकसान से बचने के लिए इसका वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइजेशन भी किया जाए।
कार्लीगाड़ में भूस्खलन और आपदा के कारण जो परिवार खतरे की जद में आ गए हैं, उनके लिए अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश शुरू होगी। गणेश जोशी ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार किया जाए। प्राथमिकता के आधार पर जोखिम वाले इलाकों से लोगों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके अलावा कार्लीगाड़ और शेरा गांव सहित आस-पास के अन्य प्रभावित इलाकों में स्थायी सुरक्षा कार्य जल्द शुरू करने को कहा गया है। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि मानसून से पहले सभी जरूरी सुरक्षा और राहत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो जाने चाहिए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी नई अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़े।
इस मौके पर राज्य सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान देहरादून जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के अलावा जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी समेत वन, लोनिवि, सिंचाई, जल संस्थान, जल निगम, विद्युत और पीएमजीएसवाई जैसे कई संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









