देहरादून, 18 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड के तीर्थस्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली से मेरठ के बीच संचालित हो रही सेमी-हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी ‘नमो भारत’ ट्रेन सेवा को अब ऋषिकेश तक बढ़ाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तराखंड सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के बीच मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला तक इस नेटवर्क को विस्तार देने पर आधिकारिक सहमति बन गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष इस परियोजना का प्रस्ताव रखा था। इस उच्च स्तरीय पैरवी के बाद अब 150 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का जमीनी सर्वे जल्द ही शुरू होने जा रहा है। वर्तमान में सराय काले खां (दिल्ली) से मोदीपुरम (मेरठ) के बीच 82 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है, जो इस विस्तार के बाद कुल 232 किलोमीटर लंबा हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ऐसा होगा रूट मैप
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, नमो भारत ट्रेन का नया रूट मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से आगे बढ़ेगा। यह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गुजरते हुए उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ट्रेन रुड़की और हरिद्वार में हर की पौड़ी होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पर बने अंतिम स्टेशन तक पहुंचेगी। इस नए 150 किलोमीटर के ट्रैक में से 72 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश की भौगोलिक सीमा में आएगा, जबकि शेष 78 किलोमीटर का हिस्सा उत्तराखंड के अंतर्गत तैयार किया जाएगा।
आधे समय में पूरा होगा दिल्ली से ऋषिकेश का सफर
वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को सड़क मार्ग (NH-58) से यात्रा करने में करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। सप्ताहांत (वीकेंड) या त्योहारों के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश के रास्तों पर लगने वाले भारी जाम के कारण यह समय और बढ़ जाता है। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली नमो भारत ट्रेन के इस रूट पर शुरू होने से दिल्ली से ऋषिकेश की कुल 230 किलोमीटर की दूरी महज ढाई से तीन घंटे में सिमट जाएगी। मेरठ से ऋषिकेश का सफर तो दो घंटे से भी कम समय में पूरा हो सकेगा।
जनता की जेब और स्थानीय व्यापार पर असर
इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उत्तराखंड की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी भारी लाभ मिलेगा। वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा ऋषिकेश और हरिद्वार के होटल व्यवसाय, एडवेंचर टूरिज्म (राफ्टिंग, कैंपिंग) और स्थानीय दुकानदारों को मिलेगा।
इसके अलावा, रोजाना या साप्ताहिक सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन रोडवेज बसों और निजी वाहनों के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक विकल्प साबित होगी।
परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि देश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखंड को इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। इस परियोजना के साकार होने पर कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।









